एनएच-49 पर अब तक 30 की मौत, 6 साल बाद लग रहे क्रैश बैरियर

भास्कर न्यूज | जांजगीर जिले से होकर गुजरने वाले नेशनल हाईवे-49 पर पिछले चार-पांच साल से ट्रैफिक लगातार बढ़ रहा है। सड़क पर हादसों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। एनएच-49 का काम 2016-17 में पूरा हुआ। इसके बाद छह साल तक सड़क पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। यही वजह है कि मोड़ और गांवों के आसपास आए दिन हादसे हो रहे हैं। इस साल 26 नवंबर तक हाईवे सहित अन्य सड़कों पर कई बार हादसे हुए, जिसमें 30 से अधिक लोगों की जान चली गई। अब नेशनल हाईवे और जिला प्रशासन हादसों को रोकने कदम उठा रहा है। जांजगीर क्षेत्र में हाईवे के किनारे मेटल क्रैश बैरियर (गार्ड रेल) लगा रहे हैं। अकलतरा से बिलासपुर के बीच डिवाइडर साफ कर रहे हैं और शोल्डर के गड्ढों को भरा जा रहा है। सड़क किनारे सफाई, सड़क पर व्हाइट पेंट से चिह्नांकन और पुल-पुलियों के पास रिफ्लेक्टर बोर्ड लगा रहे हैं। जांजगीर से बाराद्वार, मसनिया तक सड़क पर वाहन चालकों की सुरक्षा के​ लिए इंतजाम किए जा रह हैं। यहां लग रहे हैं बैरियर: हाईवे पर ग्राम घनवा मोड, तिलई गोठान मोड, अमरताल खरीदी केन्द्र, इंदिरा उद्यान, सहित अन्य हाईवे के किनारे पर बैरियर के खंभे गाड़े जा रहे हैं और लोहे की रेल फिट की जा रही है। यातायात सुरक्षित रखने के लिए सड़क पर सेफ्टी कोन भी लगाए हैं। 6 नवंबर की रात करीब 12 बजे सुकली-पेंड्री चौक के पास स्कॉर्पियो और ट्रक के बीच टक्कर हुई थी। हादसे में सेना के जवान सहित दो की मौके पर ही मौत हो गई थी। तीन ग्रामीणों ने भी अपनी जान गंवाई थी। इस हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था। हादसे के बाद रायपुर से टीम मौके पर निरीक्षण करने पहुंची थी। टीम ने सड़क पर सुरक्षा को लेकर आवश्यक सुधार के निर्देश दिए थे। हालांकि यहां सुरक्षा के नाम पर केवल ब्रेकर बना दिए गए हैं। ^हाईवे पर कई जगह चालकों की सुरक्षा के लिए साइन बोर्ड और क्रैश बैरियर लगाए जा रहे हैं। फोरलेन का प्रस्ताव भी है, जिसके लिए सर्वे किया जा रहा है। हाईवे की सफाई व अन्य सुधार भी किए जा रहे हैं। -अतुल राज पैगवार, एसडीओ, नेशनल हाईवे

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