सुशासन दिवस : लोकसेवा, जवाबदेही और संवेदनशील शासन का लें संकल्प : सीएम

जयपुर | मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लोकसेवकों से सुशासन दिवस के दिन लोकसेवा, जवाबदेही और संवेदनशीलता की भावना से कार्य करने का संकल्प लेने का आव्हान किया है। उन्होंने कहा कि भारत र| अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती हमें यह स्मरण कराती है कि शासन का वास्तविक उद्देश्य सत्ता संचालन नहीं, बल्कि लोक कल्याण और अंतिम व्यक्ति तक न्याय व विकास पहुंचाना है। शर्मा ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का संपूर्ण राजनीतिक जीवन सुशासन की जीवंत मिसाल है। उनकी राजनीति सत्ता केंद्रित नहीं, बल्कि जन केंद्रित थी। अटल जी ने यह सिद्ध किया कि सुशासन का अर्थ समावेशी विकास, सामाजिक न्याय और मानवीय गरिमा की स्थापना है। कौटिल्य के अर्थशास्त्र से लेकर आधुनिक लोकतांत्रिक विचारों तक, शासन का मूल उद्देश्य लोक कल्याण ही रहा है। अटल जी ने इसी वैचारिक विरासत को आधुनिक प्रशासन में प्रासंगिक बनाते हुए जवाबदेही, पारदर्शिता और संवेदनशीलता को शासन का मूल मंत्र बनाया। अटल जी के नेतृत्व में शुरू हुई प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, सर्व शिक्षा अभियान और स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना जैसी अभिनव योजनाओं ने देश के सामाजिक और आर्थिक एकीकरण की मजबूत नींव रखी। “जय जवान, जय किसान” के साथ “जय विज्ञान” का उद्घोष कर उन्होंने भारत को भविष्य की दिशा दी। मुख्यमंत्री शर्मा ने लोकसेवकों से आह्वान किया कि वे अपने कार्य को फाइलों और प्रक्रियाओं से आगे बढ़कर जनता की वास्तविक समस्याओं के समाधान पर केंद्रित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम और समयबद्ध सेवा वितरण के माध्यम से प्रशासन और आमजन के बीच की दूरी कम की है। राज्य सरकार ने अपराध नियंत्रण के लिए डेटा-आधारित पुलिसिंग, साइबर निगरानी और फील्ड स्तर पर सख्ती को बढ़ावा दिया है। पहले राजनीतिक सरंक्षण में होते थे पेपर लीक: मुख्यमंत्री झुंझुनूं| मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि उनकी सरकार में अरावली के साथ किसी भी तरह की कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। पर्यावरण संरक्षण से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकास और विरासत का संतुलन बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। वे बुधवार को मंडावा कस्बे में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि वर्तमान सरकार अवैध गतिविधियों और खनन के खिलाफ सख्त है और किसी भी परिस्थिति में अरावली को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। पेपर लीक के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले राजनीतिक शह पर ही पेपर लीक होते थे। कांग्रेस शासन में पेपर लीक एक संगठित माफिया का रूप ले चुका था, जिसने गरीब और मेहनती युवाओं के सपनों को तोड़ा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार की नीति जीरो टॉलरेंस की है और इसी का परिणाम है कि अब राजस्थान में पारदर्शिता, सख्त कानून व्यवस्था और जवाबदेही के साथ शासन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 200 से अधिक परीक्षाएं बिना किसी पेपर लीक के आयोजित की गई।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *