मप्र में औद्योगिक निवेश लाने के लिए पिछले वर्ष शुरू किए गए उद्योग वर्ष का समापन भारत रत्न व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101 वीं जयंती पर किया जाएगा। ग्वालियर व्यापार मेला मैदान में गुरुवार को होने वाली अभ्युदय ग्रोथ समिट 2025 में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 2 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों के साथ इस उद्योग वर्ष का समापन करेंगे। साथ ही इस मौके पर 10 हजार करोड़ रुपए के विभिन्न इंडस्ट्रीज प्रोजेक्ट का भूमिपूजन एवं लोकार्पण भी होगा। इस समिट में देश के 11 बड़े औद्योगिक घराने शामिल होंगे। इसमें ग्रीन एनर्जी, सीमेंट व फूड सेक्टर के लिए अंचल में निवेश की संभावना है। समिट सुबह 11.30 बजे से होगी, जिसमें सरकार निवेश और निवेश से रोजगार की जमीनी हकीकत का खाका भी जनता के सामने रखेगी। निर्माता और निर्यात विशेषज्ञ करेंगे संवाद: राष्ट्रीय संस्थानों और निर्यात संगठनों के प्रतिनिधि भी समिट में भाग लेकर इस सेक्टर की जानकारी देंगे। जिनमें डीआईसीसीआई के फाउंडर चेयरमैन पद्मश्री डॉ. मिलिंद कांबले, एफआईईओ के एडिशनल डायरेक्टर जनरल सुविध शाह, एसईपीसी के डायरेक्टर जनरल डॉ. अभय सिन्हा, ईईपीसी के एडिशनल एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर रजत श्रीवास्तव, ईएक्सआईएम बैंक के डिप्टी जनरल मैनेजर एंड रीजनल हेड आनंद सिंह शामिल होंगे। शाह के जाने के बाद होंगी इंडस्ट्रीज वर्कशॉप: सत्र 1 में एमएसएमई प्रदर्शन में वृद्धि विषय पर दोपहर 2:30 बजे से 3:30 बजे तक वर्कशॉप होगी। इसमें उद्यमियों को व्यावसायिक विकास और नवाचार संरक्षण के पहलुओं पर जानकारी दी जाएगी। वहीं दूसरा सत्र निर्यात और ओडीओपी पर दोपहर 2:30 से 3:30 बजे तक होगा। मप्र के निर्यात को 90 हजार करोड़ से 1 लाख करोड़ के लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट पर एक्सपर्ट जानकारी देंगे। केंद्रीय गृहमंत्री ने मुख्यमंत्री से की चर्चा, संगठन नेताओं से आज मिलेंगे अटल जी की 101वीं जयंती पर आयोजित अभ्युदय एमपी ग्रोथ समिट में शामिल होने आए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रात को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से चर्चा की और उसके बाद विश्राम के लिए अपने कक्ष में चले गए। वे ऊषा किरण पैलेस होटल के कमरा नंबर 105 महाराज हिस्टोरिकल सुइट में रुके हैं। उनके पास ही कमरा नंबर 111 में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ठहरे हैं। उनके विश्राम के लिए जाने के बाद पार्टी के नेता भी यहां से रवाना हो गए। गुरुवार को सुबह वे प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से संगठन की स्थिति को लेकर चर्चा करेंगे। इस दौरान वे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से भी उनकी मुलाकात होगी। तय कार्यक्रम के अनुसार यह चर्चा बुधवार को उनके ग्वालियर आने के बाद होना थी, लेकिन ग्वालियर आने में देरी होने के कारण के कारण वे विश्राम के लिए चले गए। रात 9:30 बजे आए, एयरपोर्ट पर पार्टी नेताओं ने की मुलाकात
रात साढ़े नौ बजे करीब ग्वालियर हवाई अड्डे पर उतरे केंद्रीय गृहमंत्री की अगवानी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार के मंत्रीगण कैलाश विजयवर्गीय, तुलसीराम सिलावट, प्रद्युम्न सिंह तोमर, नारायण सिंह कुशवाह, चेतन्य काश्यप, राकेश शुक्ला, सांसद भारत सिंह कुशवाह, पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया, अनूप मिश्रा व डॉ. नरोत्तम मिश्र, प्रदेश भाजपा प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद, पूर्व सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, प्रदेश भाजपा मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने की। ग्वालियर बेल्ट औद्योगिक क्षेत्र के रूप में आदर्श बनेगा: सीएम मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा कि आने वाले दिनों में ग्वालियर बेल्ट औद्योगिक क्षेत्र के रूप में आदर्श बेल्ट बनेगा। यहां टेलीकॉम सेक्टर सहित अन्य औद्योगिक इकाइयां लगेंगी। उन्होंने कहा कि यह देश में पहला मौका है जब लगभग दो लाख करोड़ के कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन व्यापार मेले में गुरुवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह करेंगे। सीएम ग्वालियर में संवाददाताओं से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले दिनों में लगभग साढ़े आठ लाख करोड़ के निवेश के लिए उद्योगपतियों ने सरकार पर भरोसा जताया है। सीएम ने कहा कि ग्वालियर मेला जिसकी शुरुआत स्वर्गीय माधवराव सिंधिया ने की थी, व्यापार का ही केंद्र है। ऐसे में यहां उद्योगों की इस प्रकार की समिट का आयोजन अटल जी की जन्म सदी पर सरकार की ओर से श्रद्धांजलि और आदरांजलि होगी। ये उद्योगपति होंगे समिट में शमिल एमपी ग्रोथ समिट में शामिल न हुए तो छात्रवृत्ति रोकने की धमकी समिट में सहभागिता को लेकर कुछ कॉलेजों पर छात्रों को दबाव बनाने के आरोप लगे हैं। छात्रवृत्ति रोकने के वायरल मैसेज की जब भास्कर के रिपोर्टर ने संपर्क किया। कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को जय श्री श्याम कॉलेज का एचओडी रवि परिहार बताया और कहा कि समिट में शामिल न होने पर सुविधाओं से वंचित किया जाएगा। हालांकि परिचय सामने आते ही वह अपने बयान से पलट गए।


