शराब ठेकेदार की आत्महत्या के मामले में सहायक आबकारी अधिकारी मंदाकिनी दीक्षित को शासन ने निलंबित कर दिया। आरोप है कि सहायक आबकारी अधिकारी दीक्षित की प्रताड़ना से तंग आकर ठेकेदार ने आत्महत्या की। मामले में मंदाकिनी दीक्षित ने निलंबन के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने फिलहाल अंतरिम राहत नहीं दी और सरकार को इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। दीक्षित ने याचिका में उल्लेख किया कि उनका पक्ष सुने बिना ही शासन ने उन्हें निलंबित कर दिया। वहीं, शासन ने हाई कोर्ट में कहा कि यह याचिका चलने योग्य नहीं है। निलंबित अफसर को पहले राज्यपाल के समक्ष अपनी बात रखनी चाहिए थी। वहां प्रतिवेदन दिए बिना ही हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दी गई। इस घटना की पुलिस अभी जांच कर रही है। दीक्षित का ऑडियो भी सामने आया है, जिसमें शराब ठेकेदार को प्रताड़ित किए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में बहाल किया गया तो पद पर रहते हुए साक्ष्य प्रभावित किए जा सकते हैं। हाई कोर्ट अब जनवरी में मामले की सुनवाई करेगा।


