बठिंडा में महापंचायत में जा रहे किसानों की बस दुर्घटना में मौत हो गई है। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के बठिंडा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बसंत सिंह कोठा गुरु की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस दुर्घटना में अब तक कुल 4 लोगों की जान जा चुकी है। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर हरियाणा के टोहाना में होने वाली महापंचायत में हिस्सा लेने जा रहे बठिंडा के कोठा गुरु गांव के किसानों से भरी बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में पहले ही तीन महिलाओं की मौत हो चुकी थी और कई लोग घायल हुए थे। घायलों का इलाज बठिंडा के सरकारी अस्पताल में चल रहा है, जिनमें से दो की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां की अगुवाई में बड़ी संख्या में किसान एम्स अस्पताल बठिंडा पहुंच रहे हैं। जोगिंदर सिंह ने कहा कि बसंत सिंह की मृत्यु से संगठन को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। उन्होंने संगठन के लिए एक महत्वपूर्ण विरासत छोड़ी है। उचित इलाज नहीं मिला रहा
इस अवसर पर झंडा सिंह जेठूके ने कहा कि बरनाला में हुए बस हादसे के बाद पंजाब सरकार व जिला प्रशासन ने इलाज के लिए हर संभव मदद देने का ऐलान किया था, लेकिन यह सिर्फ ऐलान ही रह गया। उचित इलाज के अभाव में आज वह अपने साथी को यहां रेफर करवा रहे हैं ताकि उसकी जान बच सके। उन्होंने कहा कि राजनेता पंजाब के खजाने से करोड़ों रुपए अपने ऊपर खर्च करते हैं। इलाज के नाम पर एक भी रुपया आम लोगों के लिए खर्च करने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि बरनाला में जिस जगह हादसा हुआ, उस पुल को बनाने वाली कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि उस जगह पर आए दिन हादसे होते रहते हैं पुल ठीक से नहीं बनाया गया था, जिससे कई लोगों की जान चली गई। लोगों की जान चली गई क्योंकि वह पुल ठीक से नहीं बनाया गया था, जिससे लोगों की मौत हो रही है।


