दुर्ग में बुजुर्ग से 37 लाख की ऑनलाइन ठगी:फेसबुक में ऐड देखकर फंसे, ठगों ने 6 फर्जी कंपनियों में पैसा लगवाया

दुर्ग जिले में एक रिटायर्ड बुजुर्ग से 37 लाख ऑनलाइन ठगी हुई है। अज्ञात साइबर ठगों ने उन्हें सोशल मीडिया पर निवेश के नाम पर अधिक मुनाफे का लालच दिया था। जिसके बाद उन्होंने अपनी सारी सेविंग्स लगा दी। मामला नेवई थाना क्षेत्र का है। पीड़ित निरंजन प्रसाद दास (68 साल) फेसबुक में विज्ञापन देखकर ठग के संपर्क में आए थे। ठगों ने खुद को प्रतिष्ठित कंपनियों का प्रतिनिधि बताया और पुणे, चेन्नई, बेंगलुरु की कंपनियों में पैसे निवेश कराए। थाने में शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फेसबुक में देखा था विज्ञापन रिसाली प्रगति नगर के रहने वाले निरंजन प्रसाद दास (68 साल) ने नेवई थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि फरवरी 2024 में फेसबुक देखते समय उन्हें एक विज्ञापन दिखा, जिसमें बैंक से अधिक लाभांश देने का दावा किया गया था। सुरक्षित निवेश की तलाश में उन्होंने विज्ञापन में दिए गए नंबरों पर संपर्क किया। यूपीआई के जरिए पैसे ट्रांसफर किए ठगों ने खुद को प्रतिष्ठित कंपनियों का प्रतिनिधि बताया और बुजुर्ग को निवेश के लिए राजी कर लिया। उनसे अलग-अलग सेशन में कुल 37 लाख 51 हजार रुपए अलग-अलग खातों और यूपीआई के माध्यम से ट्रांसफर कराए गए। यह लेन-देन प्रार्थी निरंजन प्रसाद दास और उनकी पत्नी के बैंक खातों से किया गया था। पुणे, चेन्नई, बेंगलुरु की कंपनियों में निवेश कराई यह रकम जिन कंपनियों के नाम पर जमा कराई गई, उनमें सीटी धन (पुणे), शास्तिक ग्लोबल एलएलपी (चेन्नई), विश्वास वर्ल्ड टेक (बेंगलुरु), मारवलस मुनिस (इंदौर), वेदिका पार्टनर्स (इंदौर) और नेक्स्ट इन टेक्नोलॉजी (इंदौर) शामिल हैं। शुरू में कुछ दिनों तक मिला रिटर्न पीड़ित के अनुसार, शुरुआत में कुछ महीनों तक उन्हें कंपनियों की ओर से लगभग 4 प्रतिशत मासिक रिटर्न भी मिला, जिससे उनका भरोसा बढ़ गया। हालांकि, पिछले चार-पांच महीनों से उन्हें न तो कोई भुगतान मिला और न ही उनके कॉल का जवाब दिया गया। संपर्क करने पर टालमटोल किया गया और बाद में सभी मोबाइल नंबर बंद कर दिए गए। नेवई थाना पुलिस ने इस मामले में धारा 318 (4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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