जबलपुर में शनिवार को हुई संभागीय बैठक में भाजपा विधायकों ने अपनी ही सरकार में हो रहे कामों पर सवाल खड़े किए। 5 घंटे चली इस मैराथन बैठक में खूब हंगामा हुआ। डिंडौरी जिले के शहपुरा से बीजेपी विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वकांक्षी योजना ‘जल जीवन मिशन’ की इस बैठक में पोल खोल कर रख दी। पीएचई मंत्री संपतिया उईके की मौजूदगी में उन्होंने कहा, ‘डिंडौरी ही नहीं, जबलपुर संभाग के अधिकतर जिलों में ‘जल जीवन मिशन’ के काम अधूरे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘ताजुब्ब की बात यह है कि जल जीवन मिशन योजना के तहत 3 साल पहले काम स्वीकृत हुए। इसका बजट भी आया और ठेकेदार ने घटिया काम किया। डिंडौरी कलेक्टर ने ठेकेदार पर कार्रवाई भी की, लेकिन वे (ठेकेदार) भोपाल से फिर काम का आदेश लेकर हमारे जिले में आ गए। विधायक के सवालों का जवाब देते हुए अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने कहा, ‘जल्द अधूरे काम पूरे कर लिए जाएंगे।’ विधायक ने कहा कि हमारी छाती पर मूंग दलने के लिए ऐसे ठेकेदार बार-बार आ जाते हैं, आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? पिछली बार भी एसीएस ने बैठक में यही कहा था, आखिर ऐसे ठेकेदारों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है?’ 9 जिलों के विधायक शामिल हुए
जबलपुर कलेक्ट्रेट सभागार में हुई संभागीय बैठक में मंत्री, अपर मुख्य सचिव के अलावा 9 जिलों- जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और पांढुर्णा के विधायक शामिल हुए। मरकाम बोले- सत्ता पक्ष के विधायक भी अब दुखी
डिंडौरी से कांग्रेस विधायक ओंकार सिंह मरकाम ने पीएचई मंत्री से कहा, ‘आदिवासी बाहुल्य जिले डिंडौरी जब आप आई थीं, तब कहा था कि शुद्ध पानी मिलेगा। आज तक पानी नहीं मिला। दूषित पानी पीने के अभाव में सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और सरकार कह रही है कि योजनाएं बनाई जा रही हैं, टेंडर किए जा रहे हैं। कांग्रेस विधायक ने कहा, ‘मैं गारंटी से यह बात कह रहा हूं कि जबलपुर ही नहीं, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में लाखों लोगों की बीमारी का कारण दूषित पानी बन रहा है। पीएचई मंत्री को भी यह बात स्वीकार करनी होगी। आज बैठक में यह बात भी देखने को मिली कि क्षेत्र में विकास के काम न होने से सत्ता पक्ष के विधायक भी अब दुखी हैं।’ एसीएस बोले- जल जीवन मिशन में भी काफी कमी पाई गईं
एसीएस संजय दुबे ने कहा कि आज बैठक के दौरान संभाग के लगभग सभी जिलों में कुछ न कुछ गड़बड़ी मिली है। इसको लेकर कलेक्टर को निर्देश दिए गए हैं। जल जीवन मिशन में भी काफी कमी पाई गई है। संबंधित विभागीय अधिकारियों को कमियां दूर करने के कहा गया है।


