छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में नक्सली संगठन के कृषि विभाग की सदस्य और एक लाख रुपये की इनामी महिला नक्सली ललिता उर्फ हाड़ो बघेल ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। ललिता ने नक्सलियों की खोखली विचारधारा और शोषण से तंग आकर यह कदम उठाया है। वह 2005 से 2016 तक जनमिलिशिया सदस्य और 2016 से 2024 तक आमदई एलओएस पार्टी सदस्य के रूप में सक्रिय थी। इस दौरान वह कोंडागांव, बस्तर और नारायणपुर के सीमावर्ती क्षेत्रों में हुई कई मुठभेड़ों में शामिल रही। सुरक्षा बलों की कार्रवाई से माओवादियों में भय सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से माओवादियों में भय का माहौल है, जिसके चलते कई नक्सली संगठन छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल उन्मूलन नीति के तहत ललिता को 25,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। पुलिस लगातार नक्सल प्रभावित गांवों में सिविक एक्शन प्रोग्राम चला रही है। बैनर, पोस्टर के माध्यम से आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति की जानकारी दी जा रही है। इसका सकारात्मक प्रभाव दिख रहा है और नक्सली स्वेच्छा से आगे आकर समाज की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं।


