छत्तीसगढ़ में होने नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव में OBC के आरक्षण हुई कटौती के विरोध में कांग्रेस पूरे प्रदेश में प्रदर्शन करेगी। पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने इसका ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि 15 जनवरी को सभी जिला मुख्यालयों में कांग्रेस का धरना प्रदर्शन होगा। बैज ने कहा कि पहले प्रदेश में 16 जिला पंचायत और 85 जनपदों में 25 फीसदी सीटें OBC के लिए आरक्षित होती थी। लेकिन अब अनुसूचित क्षेत्रों में ओबीसी का आरक्षण लगभग खत्म हो गई है। प्रदेश की भाजपा सरकार ने साजिश कर OBC के आरक्षण में कटौती की है। जिला और जनपद पंचायतों में OBC का आरक्षण ही खत्म कर दिया गया है। 50% आरक्षण के बावजूद नहीं मिली जिला पंचायत अध्यक्ष की 1 भी सीट छत्तीसगढ़ में 50 फीसदी OBC आरक्षण के बावजूद जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए एक भी पद OBC को नहीं मिला। प्रदेश में नगरीय निकायों के बाद त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण तय किए गए हैं। रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष का पद इस बार अनारक्षित हो गया है। वहीं, धमतरी, महासमुंद, कबीरधाम, मुंगेली, में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला पंचायत अध्यक्ष पदों का आरक्षण भी अनारक्षित हुआ है। प्रदेश में जिला पंचायत अध्यक्ष की एक भी सीट OBC आरक्षित नहीं हुई है। 90 फीसदी OBC आबादी के बाद भी आरक्षण नहीं मिला कांग्रेस का आरोप है कि मैदानी इलाकों में कई ऐसी ग्राम पंचायतें हैं। जहां 90 फीसदी से ज्यादा लोग OBC वर्ग से आते हैं। सरपंच पद आरक्षित नहीं है। पंचों का आरक्षण भी जनसंख्या के हिसाब से बेहद कम है। पहले जो सीटें OBC के लिए आरक्षित थी अब वो सामान्य हो गई है। 50% OBC आरक्षण के दावे की हकीकत सामने आई – बघेल पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मामले में कहा कि OBC को जिला पंचायतों में जीरो आरक्षण मिला है। पिछली बार 27 जिलों में 7 जिलों में OBC सीटें आरक्षित थीं। अभी लॉटरी में OBC के लिए कोई स्थान नहीं है। बघेल ने कहा कि OBC वर्ग के साथ साय सरकार अन्याय कर रही है। आरक्षण का चयन दुर्भाग्यजनक स्थिति से प्रदेश में हुआ है। बीजेपी मुंह छुपाने के लिए आधी सीट OBC को देने की बात कह रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा का OBC विरोधी चेहरा सामने आया है।


