अन्नपूर्णा थाना पुलिस ने ई-चालान की APK फाइल के जरिए बैंक अकाउंट खाली करने के मामले में साइबर ठगी की पहली एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के अनुसार पीड़ित के वॉट्सएप पर ई-चालान का मैसेज आया था, जिसमें APK फाइल संलग्न थी। जैसे ही पीड़ित ने फाइल खोली, उसका बैंक अकाउंट कुछ ही मिनटों में खाली हो गया। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि 37 वर्षीय विक्की क्षेत्री, निवासी होल्कर विला दशहरा मैदान रोड की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। विक्की पेशे से ड्राइवर है। 10 नवंबर को उसके वॉट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से ई-चालान की APK फाइल आई थी। फाइल खोलते ही पहले 70 हजार, फिर 50 हजार और बाद में 3 हजार रुपए उसके खाते से निकल गए। कुल 1 लाख 23 हजार रुपए की ठगी हुई। इसके बाद पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की, जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने एफआईआर दर्ज कराई। इसी थाना क्षेत्र में अरविंद कुमार शर्मा के साथ 3 लाख 68 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। 21 नवंबर को उन्हें अनसूइया नाम की महिला ने कॉल कर रेटिंग टास्क का ऑफर दिया। शुरुआती तीन टास्क पूरे करने पर 150 रुपए मिले। इसके बाद उन्हें टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया, जहां अधिक लाभ का लालच देकर लगातार ट्रांजेक्शन करवाए गए। बाद में क्रेडिट स्कोर कम बताकर 3 लाख 68 हजार रुपए की ठगी कर ली गई। भंवरकुआं थाना पुलिस ने जितेंद्र परमार निवासी पालदा चौक की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है। 19 नवंबर को उन्हें कॉल कर खुद को एक्सिस बैंक अधिकारी बताया गया और क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने के नाम पर वॉट्सएप लिंक भेजी गई। लिंक खोलते ही आरोपियों ने उनके खाते से 1 लाख 28 हजार रुपए की ऑनलाइन शॉपिंग कर ली। बाणगंगा थाना क्षेत्र में भी बिजनेस लोन दिलाने के नाम पर 5 लाख रुपए की ठगी हुई है। भवानी नगर निवासी अखिलेश ठाकरे की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपियों ने खुद को एचडीएफसी बैंक मैनेजर बताकर लोन दिलाने का झांसा दिया और 5 लाख रुपए हड़प लिए।


