सिरोही के सेंट जोसेफ कैथोलिक गिरजाघर में क्रिसमस पर्व श्रद्धा, उल्लास और भक्ति भाव के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर गिरजाघर को आकर्षक रोशनी से सजाया गया था। प्रभु यीशु के जन्म के उपलक्ष्य में गिरजाघर परिसर में गोशाला के रूप में प्रभु यीशु के जन्म की झांकी श्रद्धालुओं द्वारा तैयार की गई, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। गिरजाघर के प्रवक्ता रंजी स्मिथ ने बताया कि क्रिसमस के अवसर पर प्रार्थना व आराधना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसकी अगुवाई फादर जोमी, फादर जोजी एवं फादर जीबीन ने की। प्रार्थना सभा में युवाओं व युवतियों द्वारा पवित्र बाइबल के वचनों का पाठ किया गया, जबकि फादर जोमी ने पवित्र बाइबल के सुसमाचार का वाचन किया। फादर जीबीन ने प्रभु यीशु के जन्म उत्सव का महत्व बताते हुए कहा कि प्रभु यीशु ने संसार को शांति, प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि मनुष्य का सबसे महत्वपूर्ण कर्तव्य है कि वह एक-दूसरे के साथ मधुर संबंध बनाए रखे और सुख-दुख में परस्पर सहयोग करे। फादर जीबीन ने आगे कहा कि आज मनुष्य भौतिकता की दौड़ में लगा है, लेकिन दुख की घड़ी आने पर वह ईश्वर को ही याद करता है। उन्होंने कहानी और उदाहरणों के माध्यम से जीवन के मूल्यों को समझाया। प्रार्थना व आराधना कार्यक्रम के दौरान गायन मंडली ने भक्ति संगीत के माध्यम से एक से बढ़कर एक क्रिसमस कैरोल प्रस्तुत किए। ‘हंसते-गाते झूम-झूम कर चलो प्रभु के दर्शन को’, ‘हम चरवाहे नाचे झूम के’, ‘सुनो यह खबर, यीशु जन्मे हैं दुनिया के राजा’, ‘जन्म हुआ है महाराज का, चलो दर्शन को चले’ सहित अनेक भक्ति गीतों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। मध्यरात्रि में क्रिसमस पर्व के अवसर पर फादर जोमी ने करोल कार्यक्रम एवं विभिन्न आयोजनों में सहयोग करने वाले सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं व बधाई दी। प्रभु यीशु के जन्म की खुशी में केक काटा गया तथा आतिशबाजी की गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को क्रिसमस की शुभकामनाएं दीं और प्रेम व भाईचारे का संदेश साझा किया।


