जोजरी–लूनी नदी प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त:जांच कमेटी ने बालोतरा में किया स्थलीय निरीक्षण, प्रदुषण के कारण जलापूर्ति प्रभावित

पश्चिमी राजस्थान की जोजरी और लूणी नदी में बढ़ते प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित उच्चस्तरीय जांच कमेटी ने बालोतरा जिले का स्थलीय निरीक्षण किया। कमेटी ने डोली और अराबा सहित जोजरी–लूनी नदी से जुड़े गांवों में पहुंचकर हालातों का प्रत्यक्ष जायजा लिया। जांच कमेटी ने बालोतरा पहुंचने से पहले मंगलवार को जोधपुर जिले के प्रदूषित क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया था। जोधपुर, पाली और बालोतरा जिलों में लंबे समय से कपड़ा उद्योगों द्वारा रासायनिक और दूषित पानी नदियों में छोड़े जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। कपड़ा उद्योग से दूषित हो रही नदी प्रदूषण के कारण जोजरी और लूणी नदियों का प्राकृतिक स्वरूप बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसके साथ ही आसपास के गांवों में जनजीवन पर भी गंभीर असर पड़ा है। दूषित पानी के चलते पशु-पक्षियों, जलीय जीवों और कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है। बुधवार सुबह जांच कमेटी के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस संगीत लोढ़ा के नेतृत्व में टीम बालोतरा जिले के डोली-अराबा गांव पहुंची। यहां जोजरी नदी क्षेत्र में फैले प्रदूषण की स्थिति का निरीक्षण किया गया। इस दौरान जिला कलेक्टर सुशील कुमार यादव, प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारी दीपक तंवर और उपखंड अधिकारी अशोक कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने बताई समस्याएं निरीक्षण के दौरान टीम ने नदी में बह रहे दूषित पानी, आसपास के खेतों की स्थिति और ग्रामीणों की समस्याओं को देखा। ग्रामीणों ने जांच कमेटी को बताया कि प्रदूषण के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं, पशुधन प्रभावित हो रहा है और आजीविका पर सीधा असर पड़ा है। निरीक्षण के दौरान जस्टिस लोढ़ा जेरला गांव भी पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं सामने रखीं। ग्रामीणों ने बताया कि कपड़ा फैक्ट्रियों से निकलने वाला रासायनिक और सीवरेज का पानी खेतों और गोचर भूमि में फैल रहा है, जिससे भूमि बंजर होती जा रही है। ग्रामीणों ने समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की। जांच के बाद कोर्ट में पेश होगी रिपोर्ट जानकारी के अनुसार, डोली-अराबा और जेरला गांवों के निरीक्षण के बाद सुप्रीम कोर्ट की टीम बालोतरा शहर पहुंची, जहां औद्योगिक क्षेत्र में स्थित कपड़ा इकाइयों और उनकी अपशिष्ट निस्तारण व्यवस्था (सीईटीपी) का निरीक्षण किया जाएगा। जांच के बाद कमेटी अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश करेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर सुशील कुमार यादव, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ग्रुप सीईटीपी इंचार्ज अमित शर्मा, उपखंड अधिकारी अशोक कुमार, तहसीलदार गोपीकिशन पालीवाल, क्षेत्रीय अधिकारी दीपक तंवर, रीको प्रबंधक कुलदीप दाधीच, बालोतरा सीईटीपी अध्यक्ष रूपचंद सालेचा, जसोल सीईटीपी अध्यक्ष भरत मेहता सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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