पाली में आज से फैक्ट्रियों से 5-5KLD पानी लेना शुरू:बैठक में लगे आरोप-प्रत्यारोप, उद्यमी बोले- इंडस्ट्रीज को जिंदा रखना है तो नियमों से चलना एकमात्र रास्ता

पाली शहर के मंडिया रोड स्थित ट्रीटमेंट प्लांट संख्या एक-दो में गुरुवार को सीईटीपी फाउंडेशन की बैठक आयोजित की गई। जिसमें मंडिया रोड, पूनायता और इंडस्ट्रीज एरिया के सैकड़ों उद्यमी मौजूद रहे। करीब तीन घंटे चली बैठे में कई उद्यमियों ने ZLD प्लांट के खर्चे से लेकर, KLD का चार्ज दूसरे शहरों से ज्यादा लेने, फाउंडेशन की ऑडिट नहीं करवाने जैसे सवाल दागे। आखिरकार सभी उद्यमी एक स्वर में बोले कि पाली की कपड़ा इंडस्ट्री को जिंदा रखना है तो अब नियमों के तहत चलना ही एकमात्र रास्ता है। वर्ना इस तरह से फैक्ट्रियां बंद रहने लगी तो कैसे उद्यमी अपना घर चलाएंगे, मजदूरों की वेतन देंगे और बैंक से लिया लोन चुकाएंगे। अब भी नहीं सुधरे तो आने वाले सालों में पानी की कपड़ा इंडस्ट्रीज दूसरे शहरों में शिफ्ट हो सकती है। इस पर CETP फाउंडेशन के के अध्यक्ष अशोक लोढ़ा ने साफ शब्दों में कहा कि अब कोई भी चोरी-छीपे रंगीन पानी अवैध रूप से छोड़ता पाया गया तो एक महीने के लिए फैक्ट्री बंद करवाई जाएगी। उस फैक्ट्री का अनट्रीट पानी प्लांट पर नहीं लिया जाएगा। 5-5- KLD पानी सभी फैक्ट्रियों से लेना कल से शुरू करेंगे
सीईटीपी फाउंडेशन के अध्यक्ष अशोक लोढ़ा ने बताया कि प्लांट गुरुवार से शुरू कर दिए है। फैक्ट्रियों से 5-5 KLD पानी लेना शुरू किया है। अगले 10 दिनों के भीतर इसे और बढ़ाकर प्लांट पर 7 MLD तक पानी लेना शुरू करेंगे।
एक्सपर्ट के हाथों में दी जाए इंडस्ट्रीज
बैठक के दौरान वरिष्ठ उद्यमी सम्पत भंडारी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि पिछले कई सालों से पाली की कपड़ा इंडस्ट्रीज परेशानियों के दौर से गुजर रही है। किसी ने किसी कारण से फैक्ट्रियां बंद होने से उद्यमियों से लेकर मजदूरों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए केमिकल इंजीनियर, इलेक्ट्रिक इंजीनियर जैसे एक्सपर्ट युवाओं की एक टीम बनाई जाए। जो वर्तमान दौर में किसी तकनीक से इंडस्ट्रीज को बेहतर ढंग से चलाया जा सकता है उस तरीके से फैक्ट्रियों को संचालित कर सके। उन्होंने कहा कि ZLD से भी बेहतर तकनीकी इन दिनों कलेक्टोरेट प्रोसेस को माना जा रहा है। इसे पाली में कैसे लागू करे। इस तकनीक से प्रति केएलडी पानी ट्रीट करने की लागत कम आती है तो इसे लागू करने पर भी विचार किया जाना चाहिए। सोशल मीडिया पर मैसेज वायरल हुआ तो मिली धमकी
पूनायता औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमी विमल सालेचा ने अपनी बात रखते हुए बैठक में कहा कि पूनायता इंडस्ट्रीज को लेकर सोशल मीडिया पर किसी ने मैसेज चला दिया। उसका समर्थक मानते हुए एक उद्यमी ने उन्हें धमकी दे डाली कि देखता हूं कैसे फैक्ट्री संचालित करते हो। कई उद्यमियों ने कहा फाउंडेशन की ऑडिट होनी चाहिए
बैठक में कई उद्यमियों ने फाउंडेशन की ऑडिट हर साल करवाएं जाने का मुद्दा उठाया। वे बोले कि उनसे हर महीने लाखों रुपए अनट्रीट पानी ट्रीट करने के लिए लिया जाता है। फाउंडेशन की आय और खर्च को लेकर हर साल ऑडिट करवानी जानी चाहिए और उसकी एक-एक कॉपी सभी उद्यमियों को दी जानी चाहिए। ताकि फाउंडेशन के काम पर किसी भी उद्यमी को शक न हो और सीईटीपी फाउंडेशन की साफ छवि बनी रहे। 1400 करोड़ खर्च होने के बाद भी प्लांट ढंग से काम क्यों नहीं कर रहे
उद्यमी नवीन मेहता ने बैठक में सवार किया कि ट्रीटमेंट प्लांट चार और छह पर करीब 1400 करोड़ रुपए खर्च हुए। उसके बाद भी वे ढंग से काम क्यों नहीं कर रहे। प्लांट को अपनी पूरी क्षमता पर क्यों नहीं चलाया जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रीटमेंट प्लांट 6 के निर्माण भी अनियमितता बरती गई। और 100 करोड़ का भारी बजट खर्च बता दिया गया। उन्होंने कहा कि सीईटीपी की जिम्मेदारी है कि प्लांट का संचालन नियमानुसार करें । उन्होंने कहा कि वे इंडस्ट्रीज के हक की बात कहते है तो फैक्ट्री बंद करने की नौबत आ जाती है। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन में इंडस्ट्रीज के एक्सपर्ट को डायरेक्टर में शामिल करना चाहिए न कि किसी की सिफारिश पर। उन्होंने आरोप लगाया कि प्लांट 4 में भी बढ़ा घोटाला हुआ है। जिसकी जांच होनी चाहिए। CETP अध्यक्ष बोले- बेटा पूछता है पापा आप ने क्या घोटला क्या?
बैठक में सीईटीपी फाउंडेशन के अध्यक्ष अशोक लोढ़ा ने अपना दर्द बताते हुए कहा कि मेरे खिलाफ सोशल मीडिया पर मैसेज चलाए जा रहे है कि मैने कोई घपला किया है। अगर ऐसा है तो उसकी जांच करवा लो। ऐसे मैसेज जब मेरा बेटा देखता है तो पूछता है पापा आपने कौनसा घोटाला क्या है जो ऐसे मैसेज चल रहे है। इंडस्ट्रीज की टेंशन लेने के कारण मेरी तो शुगर 300 तक पहुंच गई है। फिर भी आपको लगता है तो आप जिसे ईमानदार समझते है उसे फाउंडेशन का अध्यक्ष बना दे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *