धामनोद नगर में गुरुवार, 25 दिसंबर को करणी सेना परिवार और राजपूत समाज ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों के विरोध में प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से वहां के हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या के खिलाफ किया गया। राम चौक पर एकत्र हुए समाजजनों ने बांग्लादेश सरकार की कार्यप्रणाली पर गुस्सा जताया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग राम चौक पर इकट्ठा हुए और बांग्लादेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री आसिफ युनुस खान का पुतला दहन किया। करणी सेना और राजपूत समाज के नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदुओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। हिंदू समाज की एकजुटता पर जोर वक्ताओं ने कहा कि किसी भी हिंदू को केवल जातिगत आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि दलित हिंदू पहले हिंदू हैं और वे संपूर्ण हिंदू समाज का अभिन्न हिस्सा हैं। करणी सेना के तहसील अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौहान ने भी इस बात पर जोर दिया कि समाज के हर वर्ग के भाई की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। भारत सरकार से प्रभावी कदम उठाने की मांग प्रदर्शन के माध्यम से केंद्र सरकार तक यह संदेश पहुंचाने का प्रयास किया गया कि पड़ोसी देश में हो रहे अत्याचारों पर भारत का हिंदू समाज मौन नहीं रहेगा। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि भारत सरकार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस विषय को मजबूती से उठाए और बांग्लादेश में रह रहे हिंदुओं की जान-माल की सुरक्षा तय करने के लिए कड़े कदम उठाए। कार्यकर्ताओं की रही मौजूदगी इस विरोध प्रदर्शन में करणी सेना के पुरुष और महिला कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में दीपू चंद्र दास की हत्या और अन्य अत्याचारों की निंदा की। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल भी तैनात रहा।


