बालाघाट भाजपा में जिलाध्यक्ष पद को लेकर चल रहा इंतजार मंगलवार रात समाप्त हो गया। प्रदेश संगठन ने रामकिशोर कावरे को लगातार दूसरी बार जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। घोषणा होते ही कार्यकर्ताओं ने बघोली स्थित उनके निवास पर पहुंचकर आतिशबाजी के साथ जश्न मनाया और शॉल पहना कर बधाई दी। रायशुमारी के बाद भोपाल में तैयार किए गए नामों के पैनल को केंद्रीय संगठन को भेजा गया था। केंद्रीय संगठन से अनुमोदन के बाद प्रदेश संगठन ने कावरे के नाम की घोषणा की। एक साल से कम समय के अध्यक्षों को दोबारा मौका दिए जाने की चर्चाओं में कावरे का नाम प्रमुख था। कावरे के पक्ष में कई कारण रहे। उनका जिले में मजबूत जातिगत समीकरण है, जिसका प्रभाव पिछले संसदीय चुनाव में स्पष्ट देखा गया, जब कांग्रेस के कई वोटर भाजपा की ओर आए। वे संगठन के जिलाध्यक्ष के सभी मानदंडों पर भी खरे उतरते हैं।


