कानपुर में तैनात दरोगा की पत्नी ने उसके बुलंदशहर स्थित घर का ताला तोड़कर सारा सामान लूट लिया। इसका CCTV सामने आया है। दरोगा ने बुलंदशहर SSP से इसकी शिकायत की। कानपुर कमिश्नर को ताला तोड़ने के CCTV सौंपे। पुलिस ने SIT की जांच रिपोर्ट पर कानपुर के ग्वालटोली थाने में सोमवार देर रात मुकदमा दर्ज किया। दरोगा ने पहले ही पत्नी पर फ्रॉड कर शादी करने, फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देने की तहरीर दी थी, जिसकी SIT से जांच करवाई गई थी। 15 दिन पहले SIT ने डीसीपी सेंट्रल दिनेश त्रिपाठी को रिपोर्ट दर्ज करने के लिए कहा था। 4 तस्वीरें देखिए…. अब जानिए पूरा घटनाक्रम
बुलंदशहर के बीबीनगर में रहने वाले आदित्य कुमार लोचव 2019 बैच के सब इंस्पेक्टर हैं। पिता ऋषिपाल किसान थे और मां राजेश देवी घरेलू महिला थीं। माता-पिता की मौत हो चुकी है। घर में एक भाई है वो भी दिव्यांग है। ताऊ उनकी शादी 17 फरवरी 2024 को मेरठ मवाना थाने के पास रहने वाली दिव्यांशी चौधरी के साथ करवाई। आदित्य ने बताया कि शादी के बाद से दिव्यांशी बीएड और सीटेट की तैयारी का हवाला देकर ससुराल में नहीं रुकती थी। जब घर आती थी तो अपने मोबाइल से गूगल-पे, फोन-पे समेत अन्य यूपीआई एप डिलीट कर देती थी। मगर जब मैं ड्यूटी पर होता तो वह मुझसे ऑनलाइन रुपए मांगती थी। शादी के चार महीने बाद मैं छुट्टी पर घर आया था। मैंने जैसे ही दिव्यांशी का मोबाइल लिया तो वह बेचैन हो उठी। मैंने जबरन सभी यूपीआई एप डाउनलोड कराए। एप की जांच की। ट्रांजेक्शन हिस्ट्री में 10 से ज्यादा खाते और करोड़ों का ट्रांजैक्शन देखकर मैं दंग रह गया। मैंने उससे इस बारे में पूछा तो वह झगड़ा कर मायके भाग गई। कमिश्नर ऑफिस में किया हाई वोल्टेज ड्रामा
दिव्यांशी 25 नवंबर को कानपुर पुलिस कमिश्नर ऑफिस में पहुंची। आदित्य पर परेशान करने और साढ़े 14 लाख रुपए हड़पने का आरोप लगाया। कहा- दरोगा पति के कई महिलाओं से संबंध हैं। वो सोशल मीडिया पर लड़कियों को अपने चुंगल में फंसाता है। इसके बाद उनसे दोस्ती कर शारीरिक संबंध बनाता है। दरोगा आदित्य ने कमिश्नर को बताया कि दिव्यांशी के खाते से 10 खातों में करोड़ों रुपए का ट्रांजैक्शन हुआ था। दिव्यांशी पहले 3 शादी कर चुकी है। वर्ष 2020, में पहले पति के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। विवेचना के दौरान जब मजिस्ट्रेट के सामने बयान हुए तो वह पलट गई। इसी तरह से उसने बैंक के दो ब्रांच मैनेजरों को भी फंसाया था। इसके बाद पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने महिला पुलिस अधिकारी अमिता सिंह की निगरानी में एक एसआईटी का गठन किया। एसआईटी चीफ सृष्टि सिंह ने पूरे मामले की जांच की और पाया कि दरोगा के एक-एक आरोप सही हैं। एसआईटी ने डीसीपी सेंट्रल दिनेश त्रिपाठी को रिपोर्ट भेज दी। 10 जनवरी को बुलंदशहर में आवास का ताला तोड़ा
बुलंदशहर के बीबीनगर के रहने वाले दरोगा आदित्य लोचव कानपुर के ग्वालटोली थाने में तैनात हैं। उन्होंने बताया- 10 जनवरी को उनकी पत्नी दिव्यांशी बुलंदशहर स्थित उनके घर पर पहुंची। यहां उसने पुलिस के सामने उनके आवास का ताला तोड़ दिया। इसके बाद उसकी मां अंजू आर्या और भाभी प्रिया भी आ गईं। ये लोग घर का सामान लूट ले गए। फिर आवास पर कब्जा कर लिया। सीसीटीवी कैमरों का एक्सेस दरोगा के मोबाइल पर भी है। जैसे ही उसने मोबाइल में देखा कि उसके घर का ताला तोड़ दिया गया। पहले बुलंदशहर के एसएसपी से बात की और शिकायत दर्ज कराई, फिर कानपुर कमिश्नर को CCTV निकालकर सौंपे। मैंने कमिश्नर से बताया कि SIT ने करीब 15 दिन पहले अपनी जांच पूरी कर ली। आरोपी के खिलाफ FRI दर्ज करने की संस्तुति की गई थी, लेकिन फाइल DCP सेंट्रल के दफ्तर में दबी हुई है। इस पर कमिश्नर ने DCP दिनेश त्रिपाठी को तलब किया। इसके बाद सोमवार देर रात ग्वालटोली थाने में पुलिस ने दरोगा की पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। अब तक तीन लोगों को रेप के आरोप में फंसाकर लाखों रुपए ठगे आदित्य ने बताया कि दिव्यांशी ने सबसे पहले मेरठ में तैनात दरोगा को शिकार बनाया। थाना पल्लवपुर में दरोगा प्रेमराज पुष्कर और उसके भाई भूपेंद्र पुष्कर के खिलाफ FIR दर्ज कराई। कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने बयान देते समय पलट गई। उसने कहा था कि मेरा प्रेम राज पुष्कर से 3 जुलाई 2019 को प्रेम विवाह हुआ है। आपसी लड़ाई और लोगों के बहकावे में आकर मैंने झूठी FIR दर्ज कराई थी। बताया कि आरोपी ने पीड़ित से लाखों रुपए लेने के बाद समझौता किया था। इसके बाद दिव्यांशी ने पंजाब नेशनल बैंक, हस्तिनापुर के मैनेजर आशीष राज और मवाना मेरठ के बैंक मैनेजर अमित गुप्ता को शिकार बनाया। दोनों के खिलाफ थानों में मुकदमा दर्ज हुआ था। फिर मुकदमे से अमित का नाम निकाल दिया गया था। इस मामले में भी दिव्यांशी कोर्ट में अपने ही बयान से पलट गई। यहां पर बैंक मैनेजर से लाखों रुपए वसूला था। ………………………………… ये खबर भी पढ़ें- इंस्पेक्टर ने लिखाई यूपी के टॉप-4 माफिया की प्रॉपर्टी:90 लाख के 10 चेक देकर पत्नी के नाम कराया; 2 साल से दुबई में हाजी इकबाल सहारनपुर में इंस्पेक्टर नरेश कुमार ने माफिया हाजी इकबाल की करीब 50 बीघा जमीन अपनी पत्नी के नाम करवा ली। इसके बदले उसने माफिया को कानूनी तौर पर मदद का भरोसा दिया। शिकायत पर जांच हुई। आरोप सही पाए गए। 11 जनवरी, 2025 को इंस्पेक्टर को बर्खास्त कर दिया गया। दो मुकदमे दर्ज हो गए। अब वो वांटेड है, पुलिस उसकी तलाश कर रही है। जिस एरिया में ये बेशकीमती जमीन है, वो चार राज्यों से सटा है। तमाम अफसरों, रईसों और नेताओं ने अपनी काली कमाई यहां जमीन खरीदने में लगाई है। बर्खास्त इंस्पेक्टर नरेश कुमार ने जहां जमीन खरीदी, वहां नजदीक में ही शाकंभरी रेलवे स्टेशन बनना है। ऐसे में जमीन अधिग्रहण होते ही उसका रेट चार गुना होना तय था। पढ़ें पूरी खबर


