सतीश कपूर | अमृतसर सरकार के खिलाफ पावर जॉइंट एक्शन कमेटी इंप्लाइज और पेंशनर्ज पंजाब भर में अलग-अलग दिनों में धरने देगी। बिजली बोर्ड के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है। जिसमें इंजीनियर और पेंशन एसोसिएशन मिलकर पहली बार सरकार के खिलाफ धरने देगी। यह धरने अमृतसर, लुधियाना, पटियाला, बठिंडा और जालंधर में साल 2026 जनवरी में अलग-अलग दिनों में दिए जाएंगे। अमृतसर में 2 जनवरी, बठिंडा 6 जनवरी, पटियाला 9 जनवरी, लुधियाना 15 जनवरी और जालंधर जोनल में 20 जनवरी को धरना और रोष प्रदर्शन होंगे। संयुक्त एक्शन कमेटी के अवतार सिंह, इंजी. अमरदीप और जतिंदर गर्ग के अनुसार जनवरी के आखिरी सप्ताह में पावरकाम के मुख्य ऑफिस के बाहर धरना दिया जाएगा। वहीं अगर सरकार इसके बाद भी न मानी तो बिजली विभाग के सभी कर्मचारी, अधिकारी और इंजीनियर सामूहिक छुट्टी पर चले जाएंगे। वहीं पावर सेक्टर को बेचने से बचाने के लिए पंजाब के लोगों समेत किसान जत्थेबंदियां भी धरने में शामिल होंगी। जिसमें बिजली बोर्ड की जमीन बेचने के विरुद्ध, रोपड़ थर्मल प्लांट में 800 मेगावाट के दो यूनिटों की स्थापना की प्रतिक्रिया में पैदा की जा रही रुकावटें, बिजली संशोधन बिल 2025 लागू करने की कोशिश का विरोध किया जाएगा। सरकार के खिलाफ होने वाला रोष प्रदर्शन पहले कभी नहीं हुआ। जिसमें पीएसईबी इंजीनियर एसोसिएशन, कौंसिल ऑफ़ जूनियर इंजीनियर, बिजली मुलायम संघर्ष मोर्चा, पेंशन एसोसिएशन, आईटी ऑफिसर्स एसोसिएशन, एचआर ऑफिसर्स एसोसिएशन, अकाउंट एसोसिएशन, पावर सेक्टर कर्मचारी इंजीनियर और पेंशनरों की संयुक्त एक्शन कमेटी द्वारा मिलकर रोष प्रदर्शन किए जाएंगे।


