भास्कर न्यूज | अमृतसर गुरु नानक देव अस्पताल के बच्चा वार्ड नंबर-3 में वीरवार शाम 5 बजे उस समय हंगामा हो गया, जब इलाज के दौरान एक 12 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने और गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए डॉक्टर के केबिन के शीशे तोड़ दिए गए। हंगामे की सूचना पाकर मजीठा पुलिस मौके पर पहुंचे तथा पिता मनदीप सिंह के बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रेम नगर इस्लामाबाद निवासी मनदीप सिंह ने 12 वर्षीय गुरप्रीत कौर को 24 दिसंबर की रात 8 बजे सांस में तकलीफ होेने के चलते बच्चा वार्ड नंबर-तीन में दाखिल करवाया था। वीरवार दोपहर 4:30 बजे तक बच्ची बिल्कुल ठीक थी और उसे भूख भी लगी थी। वह कुछ खाने के लिए मांग रही थी। आरोप है कि इसके कुछ देर बाद डॉक्टरों ने उसे एक इंजेक्शन लगाया, जिसके आधे घंटे के भीतर ही बच्ची की मौत हो गई। जब बच्ची की मौत का पता माता-पिता को लगा तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। अस्पताल प्रबंधन ने इसे लेकर पुलिस को सूचित किया। हंगामे की सूचना मिलते ही मजीठा रोड चौकी और थाना सदर की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची तथा परिजनों को शांत कराया। बच्चा विभाग के प्रमुख डॉक्टर जसपाल सिंह तथा परिजनों में केस दर्ज न करने को लेकर सहमति बन गई है। इसलिए पिता मनदीप सिंह ने समझौते के तहत किसी भी डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज न करने को कहा है। -रणजीत सिंह धालीवाल, थाना प्रभारी।


