साल 2024-25 के अकाउंट आडिट होने के बाद ही चुनाव करवाने का दिशा-निर्देश : अम्बा

गुरमीत लूथरा | अमृतसर लम्सडन क्लब के प्रधान व पदाधिकारियों के 28 दिसंबर को प्रस्तावित चुनाव को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। इसे लेकर क्लब के 1260 से अधिक सक्रिय सदस्य भी दुविधा में हैं। जहां मौजूदा प्रधान अमित महाजन अम्बा ने चुनाव स्थगित होने की बात कही है। वहीं विरोधी गुट के प्रधान पद के उम्मीदवार मनीष चोपड़ा ने 28 दिसंबर को चुनाव निर्धारित समय पर ही होने की बात कही है। लम्सडन क्लब के मौजूदा प्रधान अमित महाजन अम्बा ने कहा है कि 28 दिसंबर को एन्यूअल जनरल मीटिंग (एजीएम) एवं चुनाव स्थगित होने के बावजूद विरोधी दल के सदस्य चुनाव करवाने पर अडिग हैं। जबकि स्थानीय अदालत के दिशा-निर्देश के अनुसार उक्त चुनाव स्थगित कर दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 28 को उक्त चुनाव नहीं होंगे। इसके बावजूद विरोधी गुट के सदस्य 28 को क्लब के बाहर एकत्रित होकर शोर-शराबा व हंगामा करने को प्रयासरत हैं। उन्होंने 28 को शोर-शराबे व हंगामे की आशंका जताते हुए जिला प्रशासन से 28 को माहौल बिगड़ने की आशंका के नतीजन क्लब के समक्ष पुलिस तैनात करने की गुहार लगाई है। अम्बा ने कहा है कि स्थानीय सिविल जज हीना अग्रवाल की अदालत द्वारा 24 दिसंबर को जारी दिशा-निर्देश के तहत कानूनी पक्षों को ध्यान में रखते हुए चुनाव नहीं करवाने का फैसला लिया गया है। मौजूदा प्रधान अमित महाजन, पदाधिकारी पवन कपूर, संजीव कपूर, कुलदीप महाजन, हरिंदर सिंह एवं विनोद उप्पल ने संवाददाता को अदालत के दिशा-निर्देश की प्रति दिखाई। उन्होंने कहा कि 8 दिसंबर को सदस्य चंद्रमोहन ने सिविल कोर्ट में प्रधान व अन्यों के खिलाफ साल 2024-25 के क्लब अकाउंट्स आडिट होने की कापी सभी सदस्यों को उपलब्ध करवाने की याचिका दायर की थी, लेकिन चुनाव से पहले अभी तक अकाउंट्स आडिट नहीं हो पाने के कारण यह कापी सदस्यों को मुहैया नहीं करवाई जा सकती है। स्थानीय न्यायाधीश हीना अग्रवाल की अदालत ने साल 2024-2025 के अकाउंट आडिट होने के बाद ही चुनाव की तिथि घोषित करने को कहा है। हालांकि अदालत ने साफ किया है कि क्लब के चुनाव व एजीएम करवाना अथवा न करवाना क्लब का आतंरिक मामला है लेकिन जब तक वित्तीय वर्ष 2024-25 के अकाउंट आडिट होकर क्लब के समस्त सदस्यों में वितरित नहीं कर दिए जाते हैं तब तक एजीएम की बैठक आयोजित न की जाए और न ही 28 दिसंबर को चुनाव करवाए जाएं। सदस्यों को आडिट अकाउंट्स विवरण वितरित होने पर ही एजीएम की बैठक अयोजित की जाए।

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