वाराणसी में रेलकर्मी-मां को डिजिटल अरेस्ट रखकर 18.82 लाख ठगे:BLW में 6 दिन हाउस अरेस्ट रखकर खाली कराए खाते, मनी लाॅन्ड्रिंग केस बताकर धमकाया

वाराणसी में साइबर अपराधियों की मनगढ़ंत कहानी के चलते सरकारी कर्मी और अफसर चंगुल में फंसते जा रहे हैं। पिछले दिनों रिटायर्ड सैन्य अफसर के बाद अब बनारस लोकोमोटिव वर्क्स (बरेका) में डिपो सामग्री अधीक्षक को साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट कर लिया। साइबर ठगों ने रेल अफसर को उनकी मां समेत छह दिन घर में डिजिटल हाउस अरेस्ट रखा और सारे खाते खाली करवा दिए। उनके खाते से 18.82 लाख रुपये निकालकर दूसरे खातों में ट्रांसफर करवा दिए। उन खातों में धनराशि होल्ड ना हो जाए इस डर से निकासी तक अरेस्ट रखा। मनी लान्ड्रिंग केस के नाम पर रेलकर्मी साइबर जालसाजों से डर गए और उनके लिंक का एप डाउनलोड़ कर फोन पर ओटीपी दे दिया। इसके बाद लगातार खातों से 18.82 लाख रुपये की निकाले गए। बरेका के अधिकारी की तहरीर पर साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। बरेका कॉलोनी निवासी अनिल सिंह कुशवाहा वर्तमान में बनारस लोकोमोटिव वर्क्स (बरेका) में डिपो सामग्री अधीक्षक पद पर कार्यरत हैं। गत 31 दिसंबर को उन्हें एक व्यक्ति ने फोन किया था। उसने कहा था कि आपके नाम से जारी क्रेडिट कार्ड से 1.63 लाख रुपये की शॉपिंग की गई है। अनिल ने फोन करने वाले को बताया कि उनके नाम से कोई क्रेडिट कार्ड नहीं है। इस पर उसने उनके आधार कार्ड के गलत उपयोग की जानकारी दी और कहा कि मुंबई साइबर क्राइम थाने की पुलिस बात करेगी। मामले में शिकायत दर्ज है, कथित पुलिस कर्मियों ने उन्हें नरेश अग्रवाल मनी लाॅन्ड्रिंग केस का संदिग्ध बताया। उनके नाम से अरेस्ट वारंट दिखा कर डराया और गिरफ्तार करने की धमकी दी। अनिल ने अरेस्ट वारंट मानने से इन्कार कर दिया। इस पर फोन करने वाले ने उनका अरेस्ट वारंट होल्ड करने और उनकी चल संपत्ति की जांच करने के लिए सिक्योरिटी मनी के तौर पर 20 लाख रुपये जमा करने को कहा। उन्होंने कथित पुलिसकर्मी की तरफ से बताए गए बैंक खातों में चार से छह जनवरी के बीच 18.82 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। एक जनवरी से छह जनवरी तक वह और उनकी मां अपने ही घर में डिजिटल हाउस अरेस्ट रहे और खातों से निकाले रुपए मिलने तक ठगों ने इंतजार कराया। छह जनवरी की शाम कथित पुलिसकर्मी ने ऑनलाइन रसीद भेजी, जो संदिग्ध लगी। इसके बाद अनिल सिंह कुशवाहा ने हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। साइबर ठगों ने महिला व्यवसायी के 7.11 लाख किए पार कैंपा कोला इंडिया की डिस्ट्रीब्यूटरशिप देने का झांसा देकर साइबर जालसाजों ने निराला नगर की रहने वाली व्यवसायी कीर्ति यादव से 7.11 लाख रुपये हड़प लिए। कीर्ति की तहरीर पर साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। एक साल पहले कैंपा कोला इंडिया के डिस्ट्रीब्यूशन के लिए आवेदन किया था। गूगल से कैंपा कोला के नंबर पर काल की तो बताया गया कि उनकी फर्म को सुपर स्टाॅकर बनाया जा रहा है। इसके लिए 6.46 लाख रुपये कैंपा कोला इंडिया के खाते में जमा करने को कहा गया। मगर उनसे 7.11 लाख रुपये का भुगतान कराया गया। इसके बाद भी 5.90 लाख रुपये की मांग रखी गई तो उन्हें शक हुआ। उन्होंने अपने परिजनों के माध्यम से पता लगवाया तो सामने आया कि उनके साथ साइबर फ्रॉड हुआ है।

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