भास्कर न्यूज | अमृतसर बांग्लादेश में हिंदू व्यक्ति दीपचंद दास की बेरहमी से की गई हत्या के विरोध में वीरवार को श्री दुर्ग्याणा मंदिर की प्रधान प्रो. लक्ष्मीकांता चावला और संरक्षक डॉ. राकेश शर्मा की अध्यक्षता में रोष मार्च निकाला गया। इस दौरान हाथी गेट के बाहर प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश सरकार का पुतला फूंका। इस रोष मार्च में कमेटी के कुछ अहम पदाधिकारियों की अनुपस्थिति पर प्रो. चावला ने कड़ा कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जो लोग जीवित हैं, वे अपने हिंदू भाई की हत्या के खिलाफ आवाज उठाने पहुंचे हैं, लेकिन मुर्दा लोग घरों में बैठे हैं। प्रदर्शन में संस्कृति कॉलेज के विद्यार्थी बांग्लादेश की यूनुस सरकार के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए तख्तियां पकड़े हुए थे। प्रो. चावला ने दुख जताते हुए कहा कि भारत द्वारा बनाया गया देश आज हमारा ही दुश्मन बन गया है। उन्होंने कहा कि दुर्ग्याणा में कथा सुनने 500 लोग जुटते हैं, लेकिन अत्याचार के विरुद्ध कुछ ही लोग पहुंचे हैं। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि बांग्लादेशी नागरिकों को न तो किराए पर मकान दें और न ही काम। पुतला फूंकते समय एक बड़ा हादसा टल गया। जैसे ही पुतले पर पेट्रोल डालकर आग लगाई गई, लपटें एकदम भड़क उठीं। पुतला पकड़ने वाले व्यक्ति के हाथ से जलता हुआ पुतला छूटकर हिंदू नेता लखविंदर पर गिरने लगा, लेकिन उन्होंने मुस्तैदी दिखाते हुए पीछे हटकर अपनी जान बचाई।


