भगवान ने हमें हमेशा त्याग सिखाया : साध्वी गुरुमयी

अमृतसर| श्री दुर्ग्याणा तीर्थ में आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा आयोजित आठ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महोत्सव के दूसरे दिन श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। इस अवसर पर साध्वी गुरुमयी जी ने जीवन के गूढ़ रहस्यों को साझा करते हुए पकड़ने और छोड़ने की कला पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान ने हमें सदैव त्याग (छोड़ना) सिखाया है, जबकि मोहवश पकड़ना हम स्वयं सीख लेते हैं। साध्वी जी ने समझाया कि यदि मनुष्य को यह बोध हो जाए कि जीवन में क्या पकड़ना है और क्या छोड़ना, तो उसका जीवन सफल हो जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो व्यक्ति ईश्वर को थाम लेता है, उसका सांसारिक दुखों से मोह स्वतः ही छूट जाता है।

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