कृषि, सिंचाई, निर्माण, पर्यावरण और जनजातीय हितों को आगे रखे सरकार

सामाजिक-आर्थिक एवं संसदीय अध्ययन केंद्र ने वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर को ज्ञापन सौंपकर आगामी बजट के लिए कई सुझाव दिए हैं। अध्ययन केंद्र ने बजट तैयार करने के पूर्व योजनाओं का चयन, कार्यक्रमों का ओनरशिप, ट्राइबल इकोनॉमी, संसाधन अभिवृद्धि जैसे कई विषयों को फोकस किया है। संस्था ने कहा है कि जीएसडीपी में यदि निरंतरता, सतत प्रवाह, क्रमिक वृद्धि बनी रहती है तो इसे वित्तीय प्रशासन की आदर्श स्थिति मानी जाती है। कालबद्ध कार्यान्वयन और उत्तरदायित्व तय करने से ग्रोथ तेजी से होगा। सुझाव में कहा है कि झारखंड को कृषि, सिंचाई, निर्माण, कल्याण, पलायन, पर्यावरण और जनजातीय हितों को आगे रखना चाहिए। मांग की है कि सरकार 2025-26 के बजट में राज्य की चुनौतियों को देखते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, स्वरोजगार, एमएसएमई, प्रशिक्षण मद में वृद्धि करे। अबुआ बजट संबंधी ई-मेल, एप व वेबसाइट पर भेजा गया सुझाव केंद्र के सचिव अयोध्या नाथ मिश्र ने बताया कि बजट पर समेकित सुझाव मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री एवं वित्त विभाग के अबुआ बजट संबंधी ई-मेल, एप और वेबसाइट पर भेजा है। संस्था ने बजट तैयार करने के पूर्व योजनाओं की प्राथमिकता तय करने के लिए लंबित योजनाओं-कार्यक्रमों की समीक्षा कर वर्षांत में उपलब्ध अनुपयुक्त राशि का पुनरीक्षण करने की सलाह दी है। कहा है कि समाज हित में तारतम्य के लिए कृषि, रोजगार, सिंचाई, स्वावलंबन, स्वास्थ्य में आउटकम आवश्यक है।

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