गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के छुईलापानी गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत उनके मकानों का निर्माण अधूरा पड़ा है, जिसके कारण ग्रामीणों को कच्चे घरों में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्षों पहले मकान स्वीकृत हुए थे, लेकिन उनका निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। इन घरों में केवल दीवारें खड़ी हैं, उन पर प्लास्टर तक नहीं हुआ है। बरसात और ठंड के मौसम में इन अधूरे और कच्चे मकानों में रहना उनके लिए बड़ी समस्या बन गया है। बरसात के दिनों में अधूरे आवासों की छतों से पानी टपकता है, जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानी होती है और वे उनमें रह नहीं पाते। ग्रामीणों का आरोप है कि इन आवासों के लिए पैसा तो निकाल लिया गया है, लेकिन काम अभी भी अधूरा है और इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। छुईलापानी गांव के फूल सिंह ने कहा, घर बन गया है, लेकिन निर्माण अभी भी अधूरा है। प्लास्टर तक नहीं हुआ है। इस वजह से अभी इस मकान में नहीं रहते है। पिछले तीन महीने से काम रुका है। फूल सिंह ने कहा, उम्मीद है कि उनके अधूरे आवास का निर्माण जल्द कार्य पूरा किया जाएगा, ताकि वे उनमें सुरक्षित रह सकें। इस संबंध में जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे ने बताया कि जिले में लगभग 22,696 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से लगभग 12,561 बन चुके हैं। शेष 10,135 आवासों के निर्माण कार्य को 15 मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।


