हनुमानगढ़ के सतीपुरा ओवरब्रिज पर बीच में बन रही दीवार के विरोध में शुक्रवार को ग्रामीणों ने निर्माण कार्य रुकवा दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि यह दीवार यातायात को सुगम बनाने के बजाय दुर्घटनाओं को बढ़ावा देगी और आमजन के लिए परेशानी का कारण बनेगी। ग्रामीणों ने बताया कि 8 साल की लंबी प्रतीक्षा के बाद यह पुल बनकर तैयार हो रहा है। विरोध प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि निर्माण शुरू होने पर जनप्रतिनिधियों ने बठिंडा ओवरब्रिज जैसा पुल बनाने का वादा किया था, जिसमें चौराहा भी शामिल था।
शेर सिंह शाक्य ने जानकारी दी कि एक साल में बनने का वादा किया गया पुल 8 साल बाद भी अपने अंतिम चरण में है। इस दौरान धूल-मिट्टी के कारण सांस संबंधी बीमारियों में भी वृद्धि हुई है। आंदोलन उग्र करने की चेतावनी
ग्रामीणों के अनुसार, दीवार बनने से सतीपुरा से संगरिया जाने वाले लोगों को अब पुल पर चढ़ना-उतरना पड़ेगा, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होगी। उन्होंने आशंका जताई कि कोहरे में दीवार दिखाई न देने से बड़े हादसे हो सकते हैं। प्रदर्शनकारियों ने निर्माण एजेंसी को दीवार का काम बंद करने को कहा है और चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो 29 दिसंबर को महापंचायत बुलाई जाएगी और आंदोलन को उग्र किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में सरपंच प्रतिनिधि गुरलाल सिंह, पूर्व सरपंच सिद्धार्थ बलिहारा, रामेश्वर बलिहारा, निर्मल सिंह प्रधान, परमजीत सिंह प्रधान, नवनीत सिंह उपप्रधान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। उन्होंने प्रशासन से पुल को सुरक्षित और जनहितैषी बनाने की मांग की है।


