सियासत:नगरीय निकायों में ओबीसी आरक्षण पर भाजपा कांग्रेस आमने-सामने

साव ने कहा- सामान्य सीटों पर ओबीसी कैंडिडेट उतारेगी भाजपा, कांग्रेस भ्रम फैलाने में लगी नगरीय निकायों में ओबीसी आरक्षण को लेकर सत्ताधारी दल भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं। भाजपा ने जहां इस मामले में कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है तो कांग्रेस ने कहा कि बहुसंख्यक समुदाय के साथ भाजपा सरकार अन्याय कर रही है। इसके विरोध में कांग्रेस बुधवार को प्रदेशभर में आंदोलन करेगी। भाजपा ने इस मुद्दे पर पत्रकारवार्ता लेकर स्पष्ट कहा है कि निकाय चुनाव में भाजपा सामान्य सीटों पर भी ओबीसी कैंडिडेट खड़ा करेगी। भास्कर ने दो दिन पहले ही यह बता दिया था। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव के साथ डिप्टी सीएम अरूण साव कानून की किताब लेकर पहुंचे थे। देव ने कहा कि कांग्रेस केवल झूठ की राजनीति करती है, वह मुद्दों के अभाव से जूझ रही है राजनीतिक पतन की तरफ बढ़ रही है इसलिए केवल वर्ग संघर्ष की बात करना, प्रदेश में माहौल खराब करने का प्रयास करना, षड्यंत्र करना यही कांग्रेस का काम रह गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने तो वास्तव में ओबीसी आरक्षण के विरोध में कोर्ट जाने वाले और ओबीसी का आरक्षण रोकने वाले लोगों को पुरस्कृत करने का काम किया है। भाजपा, कांग्रेस के सभी षडयंत्र उजागर करती रहेगी और कांग्रेस का झूठ अब चलने वाला नहीं है। अधिकतम 50 फीसदी तक ओबीसी वर्ग को आरक्षण देने का प्रावधान
डिप्टी सीएम साव ने कहा कि कांग्रेस इस साजिश में थी कि छत्तीसगढ़ में ओबीसी आरक्षण शून्य हो जाए, क्योंकि कांग्रेस आरक्षण विधेयक को पास होने नहीं देना चाहती थी। इसलिए सदन से वॉकआउट किया था। कांग्रेस समर्थन वाली झारखंड सरकार में भी स्थिति ऐसी ही है। हमने आयोग बनाया। साव ने कहा, 33 में से छत्तीसगढ़ के 16 जिले अधिसूचित क्षेत्र में आते हैं। आबादी के मुताबिक, 4 जगह एससी के लिए आरक्षित हुई। यह 16 सीट और 4 सीट 50 फीसदी आरक्षण की सीमा को पार करते हैं। ऐसे में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को ध्यान में रखते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण नहीं हुआ। साव ने कहा कि आयोग ने अनुशंसा करते हुए रिपोर्ट में कहा कि, अधिकतम 50 फीसदी तक ओबीसी आरक्षण दिया जा सकता है। जबकि पहले 25 फीसदी तक की ही सीमा थी, हमने ओबीसी आरक्षण को बढ़ाया है। बाकी अन्य निकाय, नगर निगम, नगर पालिका सभी में ओबीसी वर्ग को नियमानुसार भागीदारी मिली है। ओबीसी आरक्षण में कटौती, कांग्रेस का आज प्रदेशभर में धरना
पिछड़ा वर्ग के आरक्षण में कटौती के खिलाफ कांग्रेस प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में बुधवार को एक दिवसीय धरना देकर विरोध प्रदर्शन करेगी। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार ने जानबूझकर प्रदेश में वर्ग संघर्ष फैलाने ओबीसी आरक्षण में कटौती का षड़यंत्र किया ताकि प्रदेश की बहुसंख्यक आबादी चुनाव लड़ने से वंचित रह जाये। पहले तो कहा गया ओबीसी के लिये 50 प्रतिशत आरक्षण किया जायेगा, जब नियम बनाया तो ओबीसी वर्ग के लिये आरक्षण शून्य की स्थिति में पहुंच गया। रायपुर जिला पंचायत की 16 सीटों में से केवल 4 ओबीसी के लिए आरक्षित है। बिलासपुर में 17 में से केवल एक ओबीसी महिला के लिए आरक्षित है जबकि ओबीसी पुरुष के लिए एक भी आरक्षित नहीं है।

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