लुधियाना में राजनीतिक शह पर अवैध माइनिंग:खेतों में जमी रेत को जबरन लूट रहे माफिया, दिहाड़ी को मजबूर हो रहे किसान

लुधियाना जिले के जगराओं में अवैध रेत खनन के खिलाफ किसान और ग्रामीण मजदूर यूनियनों ने शुक्रवार को देहात पुलिस प्रमुख डॉ. अंकुर गुप्ता से मुलाकात की। यूनियनों ने खनन माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस दौरान सिधवां बेट के गांव मद्देपुर में गरीब किसान चरणजीत सिंह की 5 एकड़ जमीन से जबरन की जा रही अवैध रेत खनन पर कड़ा विरोध व्यक्त किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि राजनीतिक संरक्षण के कारण खनन माफिया के हौसले बुलंद हैं। खनन विभाग और पुलिस को इस मामले की पूरी जानकारी है, इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। दिन-रात भारी वाहनों का उपयोग कर अवैध रूप से रेत निकाली जा रही है और खुलेआम बेची जा रही है। खेतों से रेत निकाल रहे माफिया, किसान दिहाड़ी करने को मजबूर ग्रामीण मजदूर यूनियन के राज्य प्रधान तरसेम पीटर ने बताया कि किसान चरणजीत सिंह की 5 एकड़ खेती की जमीन सतलुज बांध के भीतर है। उसकी गिरदावरियां पूरी तरह पीड़ित किसान के नाम दर्ज हैं। इसके बावजूद माफिया जबरन उस जमीन से रेत निकाल रहा है। पीटर ने बताया कि हालिया बाढ़ के कारण खेतों में भारी मात्रा में रेत भर गई थी, जिससे जमीन खेती के लायक नहीं रही, जिससे किसान का पूरा परिवार दिहाड़ी मजदूरी करने को मजबूर है। फर्जी समितियां बनाकर चल रहा करोड़ों का अवैध खेल तरसेम पीटर ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी के संरक्षण में सतलुज नदी के दोनों किनारों पर करोड़ों रुपए की अवैध खनन की जा रही है। उन्होंने कहा कि अब माफिया की नजर उन गरीब किसानों की जमीनों पर है, जिनके पास न तो पर्याप्त संसाधन हैं और न ही आर्थिक ताकत। पीटर के अनुसार, माफिया लोगों को गुमराह करने के लिए ‘बाढ़ पीड़ित किसान संघर्ष समिति’ जैसे फर्जी नामों से समितियां बनाकर अपने अवैध धंधे को अंजाम दे रहे हैं। गांवों के​ लिए जानलेवा बनेगा यह खेल

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