डिंडोरी में शुक्रवार को कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने एसडीएम भारती मरावी के साथ जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। सुबह 11 बजे हुए इस निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन समेत कई ड्यूटी डॉक्टर अनुपस्थित पाए गए। कलेक्टर ने अनुपस्थित डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के समय सिविल सर्जन भी नहीं थे मौजूद निरीक्षण के समय सिविल सर्जन अजय राज भी अस्पताल में मौजूद नहीं थे। कलेक्टर ने उन्हें फोन कर बुलाया और फटकार लगाते हुए कहा कि मैंने आपको फोन लगाया आपने झूठ क्यों बोला। सिविल सर्जन ने सॉरी बोला, कलेक्टर ने बोला सॉरी बोलने से काम नहीं चलेगा। आपको तो यहां बैठना नहीं है और गैरहाजिर डॉक्टरों से भी कह दीजिए कि ताला लगा दे घर बैठे, प्राइवेट प्रैक्टिस करें, यहां के गरीब मरीज है, अपना जीवन जिए। दरअसल कलेक्टर एक मरीज की बात सुनकर नाराज हुई थी। महिला ने बताया कि बेटी को वैक्सीन लगवाने के लिए चार दिन से भटक रही है। जिसके बाद कलेक्टर ने डॉक्टर कक्ष, इमरजेंसी कक्ष, एनआरसी, सीटी स्कैन सेंटर, एक्स-रे सेंटर, दवा वितरण केंद्र, लैब, आयुष्मान कक्ष, महिला वार्ड और पूरे परिसर का जायजा लिया। इस दौरान मरीज सूरज लाल ने बताया कि वह चार दिन से वार्ड में भर्ती हैं, लेकिन कोई डॉक्टर उन्हें देखने नहीं आया। निरीक्षण में डॉ. कलमेश राज भी अनुपस्थित पाई गईं। कलेक्टर ने सिविल सर्जन को सख्त निर्देश दिए कि ऐसी गलती दोबारा न हो और मरीजों को बेहतर इलाज मिले। उन्होंने निर्माणाधीन बिल्डिंग का भी निरीक्षण किया और इंजीनियर को प्रतिवेदन देने को कहा। अस्पताल प्रबंधक को फटकारा कलेक्टर ने अस्पताल प्रबंधक योगेंद्र उईके से पूछा कि कितने साल हो गए आपको, प्रबंधक ने बताया दो साल, जिसपर कलेक्टर बोली कि आपका सिविल सर्जन नहीं है, डॉक्टर नहीं है, आपने फोन करके क्यों नहीं बताया कि डॉक्टर्स की ड्यूटी नहीं लगी है। आगे मरीजों के इलाज में कोई कमी दिखती है, तो इसकी जानकारी तत्काल फोन पर दी जाए। कलेक्टर ने बताया कि उन्हें लगातार जिला अस्पताल में डॉक्टरों के अनुपस्थित रहने की शिकायतें मिल रही थीं। उन्होंने कहा कि दूर-दूर से मरीज इलाज की उम्मीद लेकर आते हैं, इसलिए व्यवस्थाएं सुधारने के लिए लगातार निरीक्षण जारी रहेगा। इन डॉक्टरों को नोटिस जारी सिविल सर्जन डॉक्टर अजय राज, बीएमओ डिंडोरी डॉक्टर कमलेश राज, डॉक्टर धनराज, डॉक्टर सुरेश मरावी, डॉक्टर मिनी मोरवी, डॉक्टर शिवम, डॉक्टर रंगारे, डॉक्टर अमित जैन, अस्पताल प्रबंधक योगेंद्र उईके और डॉक्टर अरुणेंद्र गौतम सहित 24 स्टॉप नर्स को नोटिस जारी किया है।


