प्रदेश में बाघ और तेंदुए ने तीन अलग-अलग जगह हमले किए। इनमें एक की मौत और तीन घायल हो गए। पहला हमला छिंदवाड़ा जिले के पिलकापार गांव में हुआ। कन्हान वन परिक्षेत्र के पास सोमवार दोपहर बाघ ने 45 वर्षीय किसान गुलाब बरकड़े पर हमला किया। खेत में काम करते वक्त बाघ ने किसान को 100 मीटर तक घसीटा। किसान का शव जंगल में क्षत-विक्षिप्त हालत में जंगल में मिला। जब किसान का बेटा कपिल खेत पर पहुंचा, तो उसे चप्पल और खून के निशान दिखे। पिता के न मिलने पर उसने शोर मचाया। इसके बाद ग्रामीणों ने तलाश शुरू की तो किसान का शव जंगल में मिला। रेंजर दीपक तिरपुड़े ने बताया कि यह क्षेत्र महाराष्ट्र के पेंच टाइगर रिजर्व से सटा हुआ है, जहां बाघों का मूवमेंट पहले भी देखा गया है। घटना के बाद इलाके में दहशत है। पन्ना में बाघ, भिंड में तेंदुए ने 3 को किया घायल पन्ना टाइगर रिजर्व के पास इटवांकलां में बाघ ने लोकेंद्र आदिवासी (10) पर हमला कर दिया। तब वह जंगल में बकरियां चरा रहा था। बच्चे की भाभी ने जब बाघ को लोकेंद्र के पास देखा तो चिल्लाई, पत्थर मारे, तब बाघ भाग गया। लोकेंद्र की हालत गंभीर है। दबोह (भिंड) भिंड के पिडरी में मंगलवार सुबह तेंदुए ने रोहित कुशवाह (16) व एक ग्रामीण पर हमलाकर उन्हें घायल कर दिया। घटना के वक्त रोहित क्रिकेट खेल रहा था। बॉल उठाने जब वह खेत में पहुंचा तो तेंदुए ने हमला किया। इसके बाद जसवंत पर भी हमला कर दिया।


