छिंदवाड़ा के खूनाझिर खुर्द में मंगलवार शाम 30 फीट गहरा एक कुआं धंस गया। इस दौरान मां-बेटे समेत 3 मजदूर मलबे के नीचे दब गए। घटना शाम 4 बजे की है। देर रात तक एनडीआरएफ की टीम राहत कार्य में जुटी रही। रात 2 बजे तक उनका सुराग नहीं लगा। हादसे के तुरंत बाद मलबे में फंसी शहजादी खान (50), उनका बेटा राशिद (18) और भांजा बाशिद (18) मदद के लिए चिल्ला रहे थे। आवाजें आ रही थीं- ‘पत्थर हटाओ, जल्दी बाहर निकालो।’ राहतकर्मी लगातार उन्हें हौसला देते रहे। अंधेरा बढ़ने और ठंड के कारण फंसे लोगों की आवाजें धीमी पड़ने लगीं। पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ की टीम तैनात है। डॉक्टरों की टीम व पांच एंबुलेंस तैनात की गई हैं। मां पत्थरों के नीचे, बेटा मलबे में फंसा
जानकारी के अनुसार, खूनाझिर कला निवासी ऐशराव मेहरा के कुएं को गहरा किया जा रहा था। भोपाल की एक टीम ने 6 मजदूरों के साथ यह काम शुरू किया था। मंगलवार दोपहर बाद 4 बजे मिट्टी धंस गई। तीन मजदूर बाहर निकल गए, जबकि 3 फंस गए। मां पत्थरों के नीचे फंसी है, जबकि दोनों युवक मलबे में धंसे हैं।


