जून 2025 में हुई थीं रजिस्ट्रियां, जांच अंतिम चरण में, पीड़ित परिवार को बुलाने की तैयारी

भास्कर न्यूज | अमृतसर एफसीआर पंजाब अनुराग वर्मा और डिप्टी कमिश्नर दलविंदरजीत सिंह के निर्देशों के बाद रजिस्ट्री दफ्तर टू और रजिस्ट्री दफ्तर थ्री में सामने आए 6 जाली रजिस्ट्रियों के मामले में प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। एसडीएम-2 मनकंवल सिंह चहल स्वयं जांच की कमान संभाले हुए हैं । एसडीएम मनकंवल सिंह चहल ने रजिस्ट्री दफ्तर टू की सब-रजिस्ट्रार प्रियंका और स्पर्श कौर, जबकि रजिस्ट्री दफ्तर थ्री के सब-रजिस्ट्रार सुनील गर्ग के बयान कलमबद्ध किए है। तीनों अधिकारियों ने अपने-अपने दफ्तरों में हुई कथित जाली रजिस्ट्रियों से संबंधित पूरी स्थिति, प्रक्रियागत विवरण और उपलब्ध दस्तावेज एसडीएम के समक्ष प्रस्तुत किए। सूत्रों के अनुसार एक युवक ने फर्जी चाचा को खड़ा कर शहर के अलग-अलग हिस्सों में स्थित संपत्तियों की कुल छह जाली रजिस्ट्रियां करवा लीं। ये रजिस्ट्रियां तहसील दो और तहसील तीन में हुईं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रजिस्ट्री प्रक्रिया में वसीका नवीस और उसके एक निजी कर्मचारी की भूमिका भी संदिग्ध रही है। इसी कड़ी में एसडीएम ने रजिस्ट्री करवाने वाली संबंधित पार्टी को भी दफ्तर में तलब किया है, ताकि सभी पहलुओं की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन का मानना है कि जांच अब अंतिम चरण में है और तथ्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। एसडीएम मनकंवल सिंह चहल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह मामला तहसीलों और रजिस्ट्री दफ्तरों की साख से जुड़ा हुआ है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पीड़ित परिवार को भी जल्द बुलाकर उनका पक्ष सुना जाएगा। बता दे कि जून 2025 में एक युवक ने अपना फर्जी चाचा खड़ा करके 6 प्लाटों की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली। इतना ही नहीं इनका इंतकाल भी चढ़ा दिया गया। इनमें चार प्लाटों की जाली रजिस्ट्री तहसील-3 और 2 की तहसील-2 में हुई थी। हालांकि मामला उजागर होने के बाद इनके चढ़े इंतकालों को रद्द कर दिया गया। जिन प्लाटों की रजिस्ट्री करवाई गई है, वह करीब 150-150 गज की है। 28 अक्तूबर 2025 को इस मामले की शिकायत पहुंची थी, जिसके बाद अभी भी जांच जारी है।

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