भास्कर न्यूज | अमृतसर ऑल इंडिया किसान कांग्रेस के चेयरमैन सुखपाल सिंह खैहरा ने मनरेगा का नाम बदलने और योजना में की जा रही छेड़छाड़ के खिलाफ व्यापक आंदोलन छेड़ने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि 2005 में कांग्रेस सरकार की ओर से ग्रामीण इलाकों के मजदूरों को रोजगार की गारंटी देने के लिए शुरू की गई योजना के नाम से जहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाया जा रहा है। वहीं 90ः10 वाली ग्रांट को 60ः40 की रेशो में करके राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी डालने की कोशिश की जा रही है, जिसे कभी भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान सुखपाल खैहरा ने सिद्धू दंपति के संबंध में किए गए सवाल पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। खैहरा ने कहा कि मनरेगा की मांग आधारित प्रकृति को खत्म कर इसे एक सीमित बजटीय योजना बना दिया गया है। इससे गरीबों को मिलने वाले 100 दिनों के रोजगार की गारंटी खतरे में पड़ गई है। इसके अलावा खैहरा ने ‘वीर बाल दिवस’ के नाम पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादे केवल वीर बालक नहीं थे, बल्कि राष्ट्र और धर्म के लिए शहीद हुए महान योद्धा थे। उनकी शहादत को उचित सम्मान देने के लिए इस दिवस का नाम ‘साहिबजादों का शहादत दिवस’ रखा जाना चाहिए। खैहरा ने न्यूजीलैंड में नगर कीर्तन रोके जाने के मामले में केंद्र सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। इस अवसर पर उनके साथ एआईसीसी सचिव व देहाती कांग्रेस के जिला प्रधान सुखविंदर सिंह डैनी, जिला कांग्रेस शहरी के प्रधान सौरभ मदान मिट्ठू, विधायक सुनील दत्ती, पूर्व प्रधान जुगल किशोर समेत कई कांग्रेसी नेता मौजूद थे।


