उत्तर छत्तीसगढ़ में शीतलहर के कारण दिसंबर के अंतिम सप्ताह में कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। सरगुजा के पाट क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 2 डिग्री से नीचे चला गया है। शनिवार सुबह मैनपाट के मैदानों में बर्फ की मोटी चादर दिखी। पत्तियों व घास में ओंस की बूंदें जम गईं थी। सरगुजा संभाग में पाट से लेकर मैदानी इलाकों में भी जमकर पाले पड़े हैं। यहां न्यूनतम तापमान 4 डिग्री तक गिर गया है। शनिवार इस सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा। सामरीपाट एवं सोनहत में भी बर्फ जमी है। संभाग में 31 दिसंबर तक शीतलहर का अलर्ट है। मैनपाट में जमी बर्फ की तस्वीर देखिए… कड़ाके की ठंड की वापसी सरगुजा में शीतलहर के कारण पाट से लेकर मैदानी इलाकों तक कड़ाके की ठंड की वापसी हो गई है। मैनपाट में न्यूनतम तापमान 2 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। मैनपाट में शनिवार को जमकर पाले पड़े। पाट से लेकर मैदानों तक शीतलहर ने ठिठुराया सरगुजा के मैदानी इलाकों में भी न्यूनतम तापमान गिरकर 4 डिग्री तक पहुंच गया है। अंबिकापुर के आसपास के मैदानी इलाकों में भी सुबह पाले पड़े हुए दिखे। पिछले 24 घंटों में अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान भी गिरकर 4.0 डिग्री पहुंच गया है। यह इस सीजन का सबसे कम तापमान है। इसके पूर्व शुक्रवार को अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री दर्ज किया गया था। पिछले 24 घंटे में अंबिकापुर का अधिकतम तापमान 23.2 डिग्री दर्ज किया गया है। कोहरे ने लगाया रफ्तार पर ब्रेक मौसम में नमी के कारण घना कोहरा छाने लगा है। बीती रात सड़कों पर धुंध नजर आई। देर रात तक घने कोहरे के कारण वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। सुबह धूप निकलने के बाद कोहरा कम होता गया। आगामी दिनों में भी कोहरे का असर दिख सकता है। 31 दिसंबर तक शीतलहर का अलर्ट मौसम वैज्ञानिक एएम भट्ट ने कहा कि वर्तमान में उत्तरी शीतलहरें तेजी से प्रवेश कर रही हैं। शीतलहरों के कारण न्यूनतम तापमान में गिरावट आई है। 31 दिसंबर तक शीतलहरों का अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है, जिससे सरगुजा में और कड़ाके की ठंड पड़ रही है। अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री से भी नीचे जा सकता है। सरगुजा संभाग के पाट क्षेत्रों से लेकर मैदानों तक शीतलहर ठिठुरा रही है। शाम होते ही लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। शाम होते ही पाट क्षेत्रों में सन्नाटा पसर जा रहा है।


