जैसलमेर के फतेहगढ़ तहसील के देगराय ओरण इलाके के लखमना गांव की सरहद के पास एक प्रवासी गिद्ध की करंट से मौत हो गई। पक्षियों की लगातार मौत से पर्यावरण प्रेमियों में गुस्सा है। जिला प्रशासन से हाईटेंशन लाइनों को अंडर ग्राउंड करने की मांग की है। मृतक गिद्ध को देखकर ग्रामीणों ने पर्यावरण प्रेमी सुमेर सिंह को इसकी जानकारी दी। पर्यावरण प्रेमी सुमेर सिंह सांवता ने बताया कि जिले में कई वन्य जीव बाहुल्य इलाकों में प्रवास करने दुर्लभ पक्षी आए हैं। पक्षियों ने कई इलाकों में अपना डेरा डाला है। इसकी जानकारी वन विभाग को देने पर न्मौके पर वन विभाग और पशुपालन विभाग की टीम पहुंची और गिद्ध के शव को कब्जे में लिया। टीम ने गिद्ध के शव को दफनाया। सुमेर सिंह ने बताया- फतेहगढ़ इलाके में हाईटेंशन लाइनों के नीचे ही बुधवार दोपहर बाद एक प्रवासी दुर्लभ गिद्ध यूरेशियन ग्रिफॉन का शव मिला। सुमेर सिंह ने बताया कि इलाके में बिजली के तारों से टकराकर दुर्लभ पक्षियों के मरने का सिलसिला लगातार जारी है। इन तारों को भूमिगत करने की मांग काफी समय से उठाई जा रही है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही। सर्दियों में प्रवास करता है यूरेशियन ग्रिफॉन पर्यावरण प्रेमी सुमेर सिंह ने बताया कि यूरेशियन ग्रिफॉन नामक दुर्लभ गिद्ध प्रवासी पक्षी है और सर्दियों में यहां प्रवास करता है। राजस्थान में यूरेशियन ग्रिफॉन कजाकिस्तान, अफगानिस्तान और बलूचिस्तान से आते है। इनका प्रवास का रास्ता मध्य-पूर्व से दक्षिणी एशिया की ओर है। इस मार्ग को यूरेशियन ग्रिफॉन के अलावा अन्य प्रजातियां भी इस्तेमाल करती हैं। वहां ज्यादा ठंड होने पर ये प्रवास करके हजारों किमी का सफर तय करके गर्म जगहों पर आते हैं। जैसलमेर में ये फतेहगढ़, लाठी आदि इलाकों में जहां पशु विचरण का इलाका ज्यादा है वहां ये ज्यादा पाए जाते हैं। वन विभाग की टीम कर रही इलाके में निगरानी वन विभाग की टीम इन दिनों बर्ड फ्लू की आशंका के चलते देगराय ओरण इलाके में पशुपालन विभाग की टीम के साथ दौरा कर रही है। ऐसे में मृत गिद्ध की जानकारी मिलने पर टीम ने मौके पर पहुंचकर गिद्ध के शव को कब्जे में लिया। अब गिद्ध के शव को दफनाने की तैयारी की गई। हालांकि गिद्ध हाइटेंशन लाइनों से टकराकर मरा है इसलिए सभी ने राहत की सांस ली। दरअसल इन दिनों इलाके में कुरजा पक्षियों के बीमार व मृत मिलने के मामले में बर्ड फ्लू की आशंका के चलते वन विभाग व पशुपालन विभाग की टीम लगातार पक्षियों के विचरण करने वाले इलाकों में निरीक्षण कर रही है।


