भाटिया-वेलकम और छत्तीसगढ़ डिस्टलरी की 68 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच:निरंजन दास समेत आबकारी अधिकारियों पर भी एक्शन; शराब घोटाले में सौम्या समेत 81 आरोपी

छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दो साल जांच करने के बाद 29 हजार 800 पन्नों की फाइनल चार्जशीट स्पेशल कोर्ट में पेश की है। इसमें 22 गिरफ्तार अधिकारी, कारोबारी और नेताओं समेत कुल 81 लोगों को आरोपी बनाया गया है। 3 हजार करोड़ से अधिक के घोटाले में ED ने 59 नए लोगों को आरोपी बनाया है। इसमें सौम्या चौरसिया, निरंजन दास, एफएल-10 लाइसेंस धारक, डिस्टिलर्स और आबकारी अधिकारी शामिल हैं। चार्जशीट से पहले आरोपियों की संपत्ति अटैच शुक्रवार (26 दिसंबर) को कोर्ट में चार्जशीट पेश करने से पहले ED ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भाटिया वाइन, छत्तीसगढ़ डिस्टलरी, वेलकम डिस्टलरी और आबकारी अधिकारियों की संपत्ति अटैच की है। ED ने पिछले बुधवार-गुरुवार को अटैचमेंट की कार्रवाई की। इनमें शराब बनाने वाली तीनों कंपनियों की 68 करोड़ की चल-अचल संपत्ति अटैच हुई है। साथ ही घोटाले के आरोपी तत्कालीन आबकारी कमिश्नर निरंजन दास समेत घोटाले में शामिल 31 आबकारी अधिकारियों की 38 करोड़ की संपत्ति कुर्क की है। शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय की ओर से अब तक कुल 382 करोड़ से अधिक संपत्ति का अटैचमेंट किया गया है। चार्जशीट पेश होने के बाद अब ट्रायल होगा शुरू ED की यह फाइनल कंप्लेंट (अंतिम चार्जशीट) सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार समय पर दाखिल की गई है और इसमें डिजिटल सबूत, बैंक ट्रांजैक्शन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, संपत्ति दस्तावेज और गवाहों के बयान शामिल हैं। इसके पेश होने के बाद अब कोर्ट ट्रायल शुरू करेगा। आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए जाएंगे और उसके बाद गवाहों के बयान और सबूतों को लेकर सुनवाई होगी। हालांकि शराब घोटाले में जांच कर रही छत्तीसगढ ACB-EOW ने सुप्रीम कोर्ट से जांच की समय सीमा बढ़ाने की मांग की है। 15 कंपनियों को बनाया आरोपी छत्तीसगढ़ डिस्टलरी, भाटिया वाइन मर्चेंट, वेलकम डिस्टलरी, अदीप एग्रोटेक प्रा.लि., पीटरसन बायो रिफाइनरी, ढिल्लन सिटी मॉल, टॉप सिक्योरिटी एंड फैसिलिटी मैनेजमेंट, ओम साईं बेवरेज, दिशिता वेंचर्स प्रा.लि., नेक्सजेन इंजिटेक, एजेएस एग्रोट्रेड प्रा.लि., ढेबर बिल्डकॉन, प्राइम डेवलपर्स, इंडियन बिल्डकॉन और प्रिज्म होलोग्राफी को भी आरोपी बनाया गया है। चैतन्य बघेल के खिलाफ रायपुर कोर्ट में सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश इससे पहले 22 दिसंबर सोमवार को छत्तीसगढ़ शराब घोटाला केस में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने रायपुर की स्पेशल कोर्ट में पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के खिलाफ करीब 3800 पन्नों की चार्जशीट पेश की है। यह इस प्रकरण में 8वीं चार्जशीट है। EOW ने चार्जशीट में दावा किया है कि चैतन्य बघेल को घोटाले से 200-250 करोड़ रुपए मिले हैं। EOW ने चार्जशीट में दावा किया है कि सिंडिकेट के माध्यम से अवैध उगाही की राशि का एक बड़ा हिस्सा सीधे तौर पर चैतन्य बघेल से जुड़ा है। घोटाले में चैतन्य बघेल की सीधे संलिप्तता है। जांच में चैतन्य बघेल की भूमिका तत्कालीन समय में आबकारी विभाग में वसूली तंत्र (सिंडिकेट) को खड़ा करने और संरक्षक के रूप में पाई गई है। शराब घोटाला केस…सौम्या चौरसिया को ED ने किया गिरफ्तार वहीं इस मामले में ED ने 16 दिसंबर को बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की डिप्टी सेक्रेटरी रही सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार किया था। ईडी के मुताबिक, पिछली सरकार के दौरान राज्य में हुए कई घोटालों में पैसों के मैनेजमेंट में उनकी अहम भूमिका रही। ED ने पप्पू बंसल उर्फ लक्ष्मी नारायण अग्रवाल, तांत्रिक केके श्रीवास्तव और कारोबारी अनवर ढेबर के होटल मैनेजर दीपेन चावड़ा के बयान के आधार पर सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार किया। ED को सौम्या, रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर-चैतन्य बघेल के बीच हुई चैट्स में कई अहम सबूत भी मिले हैं। ED का दावा है कि सौम्या लीकर स्कैम नेटवर्क में को-ऑर्डिनेटर की भूमिका निभा रही थीं। घोटाले से उन्हें करीब 100 करोड़ रुपए मिलने की जानकारी है। अब जानिए क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है। शराब घोटाला मामले में ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। जिसमें 3200 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। ED ने अपनी जांच में पाया कि, तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था। इस घोटाले में राजनेता, आबकारी विभाग के अधिकारी, कारोबारी सहित कई लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज है। A, B और C कैटेगरी में बांटकर किया गया घोटाला A: डिस्टलरी संचालकों से कमीशन 2019 में डिस्टलरी संचालकों से प्रति पेटी 75 रुपए और बाद के सालों में 100 रुपए कमीशन लिया जाता था। कमीशन को देने में डिस्टलरी संचालकों को नुकसान ना हो, इसलिए नए टेंडर में शराब की कीमतों को बढ़ाया गया। साथ ही फर्म में सामान खरीदी करने के लिए ओवर बिलिंग करने की राहत दी गई। B: नकली होलोग्राम वाली शराब को सरकारी दुकानों से बिकवाना C: डिस्टलरीज के सप्लाई एरिया को कम/ज्यादा कर अवैध धन उगाही करना ………………………… शराब घोटाले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… शराब घोटाला…EOW बोली- चैतन्य को मिले 250 करोड़: रायपुर कोर्ट में 3800 पन्नों की सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश, एजेंसी बोली-उगाही का बड़ा हिस्सा बघेल तक पहुंचा छत्तीसगढ़ शराब घोटाला केस में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने सोमवार को रायपुर की स्पेशल कोर्ट में पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के खिलाफ करीब 3800 पन्नों की चार्जशीट पेश की है। यह इस प्रकरण में 8वीं चार्जशीट है। EOW ने चार्जशीट में दावा किया है कि चैतन्य बघेल को घोटाले से 200-250 करोड़ रुपए मिले हैं। पढ़ें पूरी खबर…

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