मेहंदीपुर बालाजी कस्बे की एक धर्मशाला में एक ही परिवार के चार सदस्यों के शव मिलने के मामले में नई जानकारी सामने आई है। मंगलवार(14 जनवरी) को परिवार के सभी सदस्य एकदम स्वस्थ थे। सुबह 7 बजे परिवार के सदस्यों ने देहरादून अपने परिचित से फोन पर भी बात की और कहा कि वे जल्द ही लौट आएंगे, आप घर का ध्यान रखना। बातचीत के करीब 13 घंटे बाद परिजनों को पुलिस से चारों की मौत की खबर मिली। मृतकों में सुरेंद्र (61) पुत्र ताराचंद अपनी पत्नी कमलेश देवी (57), बेटी नीलम (31) और बेटे नितिन (33) के साथ बालाजी के दर्शन करने आए थे। सभी उत्तराखंड के देहरादून के रायपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले है। परिवार का मंगलवार की रात को ही ट्रेन से देहरादून लौटने का शेड्यूल था। हालांकि पुलिस ने अभी तक नतीजे तक नहीं पहुंच पाई है। चारों शवों को टोडाभीम की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। परिजनों के आने के बाद आगे की जांच की जाएगी। एक दिन पहले तबीयत बिगड़ी
पुलिस के अनुसार- परिवार 12 जनवरी (रविवार) को मेहंदीपुर बालाजी आया था। जिसने रामा-कृष्णा आश्रम धर्मशाला के कमरा संख्या 119 में कमरा किराए पर लिया। बताया जा रहा है कि सोमवार (13 जनवरी) सुबह करीब 9 बजे सुरेंद्र और नीलम को पेटदर्द और उल्टियों की शिकायत हुई तो नितिन दोनों को लेकर महंत किशोरपुरी चिकित्सालय पहुंचा। जहां डॉक्टर ने दोनों का इलाज किया। इसके बाद ये वापस धमर्शाला चले गए। सवेरे दो घंटे बाद लौटे धर्मशाला
मंगलवार (14 जनवरी) को सवेरे 6 बजे परिवार के लोग धर्मशाला से निकले। इसके दो घंटे बाद ही वापस लौट आए। शाम करीब 7.30 बजे धर्मशाला के कर्मचारी मोहनलाल योगी ने दरवाजा थोड़ा खुला देखा। जब वह अंदर झांका तो चारों जने बेसुध पड़े दिखाई दिए। उसने तुरंत होटल मालिक गुड्डू शर्मा को सूचना दी। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। मंगलवार देर रात करौली एसपी ब्रजेश ज्योति उपाध्याय मौके पर पहुंचे और जानकारी जुटाई। इसके बाद करौली और भरतपुर से एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया। साथ ही धर्मशाला के कमरे को सीज कर दिया है। परिवार दो साल पहले भी आया था मेहंदीपुर बालाजी
कमलेश के भतीजे डॉक्टर सुशील उपाध्याय ने दैनिक भास्कर को फोन पर बताया कि उनके फूफाजी सुरेंद्र और पूरे परिवार की मेहंदीपुर बालाजी में बड़ी आस्था थी। वे अक्सर वहां जाते थे। इससे पहले दो साल पहले वे मेहंदीपुर आए थे। इस बार भी गए तो घर का ध्यान रखने कि जिम्मेदारी मेरे पिता कैलाश चंद को देकर गए। मंगलवार (14 जनवरी) सवेरे करीब सात बजे सुरेंद्र ने रिश्तेदार कैलाशचंद को फोन किया था। जिसमें उन्होंने कहा कि हम जल्दी ही लौट आएंगे। आप घर का और गाय का ध्यान रखना। सुशील ने बताया कि मंगलवार शाम को मेरे पिता ने फूफाजी के मोबाइल पर कॉल किया था, लेकिन किसी ने रिसीव नहीं किया। इसके करीब दो घंटे बाद हमें चारों की मौत की खबर मिली नए साल पर अंडमान घूमकर आया बेटा
नितिन के पिता सुरेंद्र जिस कंपनी में ड्राइवर थे। वह उसी कंपनी में अच्छी पोस्ट पर कार्यरत था। दिसंबर में कंपनी की तरफ से अंडमान निकोबार गया था। इसका एक वीडियो भी मिला है। जिसमें नितिन बेहद खुश नजर आ रहा है। परिजनों के अनुसार- नितिन की शादी के लिए रिश्ते वाले आ रहे थे। बेटी नीलम की शादी कई साल पहले ही कर दी थी, लेकिन आपसी मनमुटाव के चलते बेटी नीलम पिछले 5- 6 साल से अपने पिता के पास ही रह रही थी। नीलम का अपने पति के साथ तलाक का केस भी चल रहा है। बांदीकुई से थी ट्रेन, चेकआउट से पहले शव मिले परिवार ने मेहंदीपुर बालाजी से देहरादून लौटने के लिए पहले से ही योगा एक्सप्रेस ट्रेन में रिजर्वेशन करवा रखा था। इनकी ट्रेन मंगलवार (14 जनवरी) की रात करीब 12 बजे बांदीकुई जंक्शन से थी। 14 जनवरी की शाम को करना था चेक आउट पुलिस के अनुसार मंगलवार शाम को परिवार को धर्मशाला से चेकआउट करना था। लेकिन उससे पहले ही कमरे में चारों के शव मिले। कमलेश देवी (57) और बेटी नीलम (31) बेड के बगल में पड़े हुए थे। सुरेंद्र (61) बेड पर पड़ा हुए थे। बेटा नितिन (33) बाथरूम के गेट के बीच में पड़ा हुआ मिला। धर्मशाला में दी गई आईडी से पता चला कि ये उत्तराखंड के देहरादून के निकट रायपुर के रहने वाले हैं। करौली एसपी ने देहरादून एसपी से बातचीत कर इनके परिजनों के बारे में जानकारी जुटाई और फिर उन्हें फोन किया। परिजनों के पहुंचने पर होगा पोस्टमॉर्टम
पुलिस ने चारों मृतकों के बारे में सबसे पहले सूचना मृतका महिला कमलेश के भतीजे सुशील (फिजिशियन डॉक्टर) को मामले की सूचना दी। जिस पर भतीजा सुशील, सुरेंद्र का छोटा भाई मुकेश और बड़े भाई का बेटा मेहंदीपुर बालाजी के लिए रवाना हो गए। सभी मृतकों के शव टोडाभीम अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाए गए हैं। जहां परिजनों के आने के बाद सभी शवों का पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। ये भी पढ़ें … मेहंदीपुर बालाजी आए 4 श्रद्धालुओं के शव मिले:बेटा-बेटी के साथ धर्मशाला में रुके थे माता-पिता; दो दिन पहले दर्शन करने आए थे मेहंदीपुर बालाजी कस्बे की एक धर्मशाला में चार लोगों के शव मिले। मृतकों में माता-पिता और बेटा-बेटी हैं, जो उत्तराखंड के देहरादून के रहने वाले थे। सूचना मिलने पर बालाजी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। (पूरी खबर पढ़ें)


