कुरजां पक्षी में बर्ड फ्लू की पुष्टि:भोपाल से आई रिपोर्ट में हुया खुलासा, प्रशासन अलर्ट मोड पर

जैसलमेर में मृत मिले कुरजा पक्षियों में बर्ड फ्लू का खुलासा हुआ है। भोपाल लैब से बुधवार को आई सैंपल रिपोर्ट में कुरजा पक्षियों की मौत का कारण बर्ड फ्लू होना बताया गया। लैब से आई रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद प्रशासन तुरंत अलर्ट हुआ। जिला प्रशासन ने देगराय ओरण इलाके के लुणेरी तालाब क्षेत्र को इंफेक्टेड हॉटस्पॉट एरिया घोषित कर दिया है और संक्रमण को रोकने के लिए कठोर कदम उठाये जा रहे हैं। पशुपालन विभाग, वन विभाग और चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को मिलाकर एक संयुक्त टीम बनाई गई है। इस टीम ने QRT दल का गठन किया है, जो हॉटस्पॉट एरिया में गश्त और निगरानी का कार्य कर रहा है। इसके अलावा संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए क्षेत्र में रसायन का छिड़काव किया जाएगा। गौरतलब है कि जिले के देगराय ओरण इलाके के तालाब क्षेत्र में 11 जनवरी को 6 कुरजा पक्षियों के शव पाए जाने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। इसके बाद 12 जनवरी को दो मृत कुरजा पक्षियों के शव भोपाल स्थित निषाद लैब भेजे गए थे। बुधवार को आई रिपोर्ट में बर्ड फ्लू से मौत के बाद प्रशासन ने सबको अलर्ट कर दिया है। . सभी विभाग हुए अलर्ट पशुपालन विभाग जैसलमेर के संयुक्त निदेशक डॉक्टर उमेश व्रंगतिवार ने बताया- हॉटस्पॉट एरिया में आमजन और पशुओं के विचरण पर पूर्णत: रोक लगा दी गई है। मृत पक्षियों के मिलने के बाद से प्रशासनिक अमला पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिला कलेक्टर प्रताप सिंह ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की है। इस घटना के बाद प्रवासी पक्षियों में बर्ड फ्लू का संक्रमण फैलने की संभावना ने चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह संक्रमण पक्षियों से इंसानों में भी फैल सकता है। इस खतरे को देखते हुए आम जनता को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने मीटिंग कर सबको दिए निर्देश
जैसलमेर में बर्ड फ्लू की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है। प्रभावित क्षेत्र में विशेष निगरानी रखी जा रही है और लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने इस संकट से निपटने के लिए चिकित्सा, वेटेनरी और वन विभाग के अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित किया है। यह घटना न केवल पक्षियों के लिए बल्कि मानव स्वास्थ्य के लिए भी एक गंभीर चुनौती बन गई है, जिससे निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। यह भी पढ़ें
प्रवासी गिद्ध की हाईटेंशन लाइन से टकराकर मौत: वन विभाग ने दफनाया शव, यूरेशियन ग्रिफॉन नामक दुर्लभ प्रजाति का था जैसलमेर के फतेहगढ़ तहसील के देगराय ओरण इलाके के लखमना गांव की सरहद के पास एक प्रवासी गिद्ध की करंट से मौत हो गई। पक्षियों की लगातार मौत से पर्यावरण प्रेमियों में गुस्सा है। जिला प्रशासन से हाईटेंशन लाइनों को अंडर ग्राउंड करने की मांग की है। मृतक गिद्ध को देखकर ग्रामीणों ने पर्यावरण प्रेमी सुमेर सिंह को इसकी जानकारी दी। पढ़ें पूरी खबर ….

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