एसआईआर:गलत एंट्री या लापरवाही से कटे 19 लाख नाम, इसमें महिलाओं की संख्या 12 लाख

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मंगलवार को प्रारंभिक मतदाता सूची के प्रकाशन में प्रदेश के 27 लाख से ज्यादा लोगों के नाम कट गए। इनमें से सबसे ज्यादा 19 लाख से अधिक लोगों के नाम दूसरी जगह शिफ्टिंग, एसआईआर फार्म भरने में गलती और बीएलओ की लापरवाही के कारण कटे हैं। अब इन लोगों को अपने नाम जुड़वाने के लिए आवेदन करना पड़ेगा। ज्यादातर लोगों के नाम जुड़ तो जाएंगे, लेकिन इसके लिए उन्हें आवेदन करना होगा। छत्तीसगढ़ में ज्यादातर लोग और खासकर महिलाओं के नाम शिफ्टिंग की वजह से कटे हैं। इनके नाम भले ही शिफ्ट होने के कारण कटे हैं, लेकिन अधिकांश लोग अभी भी छत्तीसगढ़ में ही हैं। नाम कटने वाले 19 लाख में 12 लाख से ज्यादा नाम महिलाओं के हैं। नाम कटने की वजह शादी के कारण शिफ्टिंग है। बहुत से लोगों के एसआईआर फार्म में ढेरों गलतियां थी। कई लोगों के एड्रेस चेंज हो गए, लेकिन दस्तावेज पुराना ही लगाया गया। कई लोगों ने फार्म भरने में त्रुटियां की है। जैसे राम नगर की एक महिला शादी होने के बाद ससुराल चली गई। ससुराल जाने के बाद उन्होंने वोटर आईडी में अपना एड्रेस भी चेंज करा लिया। एसआईआर में उन्होंने बदला हुए एड्रेस के लिए आधार कार्ड जमा किया। 2003 की सूची में उनका नाम नहीं था। यहां पर उन्होंने रिश्तेदार में अपने पति का नाम लिखा और 2003 की सूची में उनकी ही जानकारी भर दी। आधार कार्ड और मतदाता सूची में यदि नाम में अंतर है तो इस वजह से भी सत्यापन नहीं होने पर नाम काट दिए गए। महावीर स्कूल, गुढियारी
शुक्रवार सुबह 11.30 बजे महावीर स्कूल, गुढियारी में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम जारी है। स्कूल परिसर में बीएलओ बैठी हुई हैं और साहूपारा व सतनामी पारा क्षेत्र के मतदाताओं के एसआईआर फॉर्म यहीं जमा कराए गए थे। इन दोनों क्षेत्रों में कुल 870 मतदाता दर्ज थे। पुनरीक्षण के बाद 612 मतदाताओं के नाम सूची में पाए गए हैं, जबकि 258 नाम काटे गए हैं। सियान सदन, गुढियारी
शुक्रवार सुबह 12.20 बजे सियान सदन, गुढि़यारी में एसआईआर का काम चल रहा है। चार-पांच बीएलएओ बैठी हुई हैं। उन्होंने बताया कि अशोक नगर के मतदाताओं के फॉर्म यही जमा कराए गए थे। उन्हें जो क्षेत्र मिला था उसमें 1099 मतदाता के नाम दर्ज थे। पुनरीक्षण के बाद 846 मतदाताओं के नाम लिस्ट में आए गए, जबकि 253 के नाम कटे हैं। जिनके नाम कटे हैं उनमें से कई ऐसे हैं जो अब यहां नहीं रहते हैं। दो दंपत्ति के नाम एक जैसे, इसलिए अटके
बीएलओ ने बताया कि गुढियारी क्षेत्र में एक महिला ने नाम जुड़वाने फॉर्म जमा किया था। जब फॉर्म को ऑनलाइन किया गया, तो सिस्टम में उसी नाम से पहले से एक मतदाता पंजीकृत मिला। जांच में सामने आया कि दोनों महिलाओं का नाम और पति का नाम एक जैसा है। इसके बाद दूसरे बीएलओ से चर्चा कर प्रकरण को होल्ड पर रखा गया और दोनों महिलाओं से दावा-आपत्ति मंगाई गई है। एक अन्य बीएलओ ने बताया कि उनके क्षेत्र में भी महिला मतदाता और पति का नाम समान होने का मामला सामने आया था, जिसे मकान नंबर के आधार पर सुलझाया गया। राज्य में इस तरह के कई प्रकरण फिलहाल होल्ड पर रखे गए हैं। गाजी नगर में एक ही मकान में 150 मतदाता नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने कहा कि बीरगांव के गाजी नगर में मतदाता सूची में गंभीर अनियमितताएं सामने आई है। वहां मकान नंबर 382 में लगभग 150 वोटर के नाम हैं। कई अन्य मकानों में 40-50 लोगों के नाम जोड़े गए हैं। चुनाव आयोग को अवैध मतदाताओं के नाम तत्काल वोटर लिस्ट से हटाए।

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