न्यू ईयर पर मैनपाट बना टूरिस्ट हॉटस्पॉट:पैरासेलिंग-पैरामोटरिंग से नाइट कैंपिंग तक फुल एंटरटेनमेंट, कुदरती खूबसूरती का लुत्फ उठा रहे सैलानी

छत्तीसगढ़ का शिमला कहे जाने वाले मैनपाट में सर्दियों की छुट्टियां मनाने और नए साल का स्वागत करने के लिए रोज़ाना हज़ारों टूरिस्ट पहुंच रहे हैं। मैनपाट छत्तीसगढ़ का सबसे ठंडा पठारी इलाका है। मैनपाट की कुदरती खूबसूरती के साथ-साथ रोमांचक पैराग्लाइडिंग और पैरासेलिंग की सुविधाएं लोगों को अपनी ओर खींच रही हैं। आप मैनपाट में नाइट कैंपिंग का भी मज़ा ले सकते हैं, जिसके लिए इस साल बड़े पैमाने पर टेंट लगाए गए हैं। पूरे मैनपाट पठार की कुदरती खूबसूरती और इसकी खूबसूरत घाटियां यहां आने वाले लोगों को रोमांचित कर देती हैं। मैनपाट में झरनों और कई खूबसूरत जगहों के साथ-साथ टाऊ की फसल भी लोगों को अपनी ओर खींचती है। हालांकि, टाऊ की ज्यादातर फसल दिसंबर के आखिर तक कट जाती है। ऐसे पहुंचे मैनपाट की वादियों में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से आप ट्रेन, फोर-व्हील ड्राइव और कई लग्ज़री बसों से 350 किलोमीटर का सफ़र कर अंबिकापुर पहुंच सकते हैं। मैनपाट अंबिकापुर से 40 किलोमीटर दूर है। आप सड़क के रास्ते मैनपाट पहुंच सकते हैं और मैनपाट की खूबसूरत घाटियों के रोमांचक और शानदार नज़ारों का मज़ा ले सकते हैं। मैनपाट में तिब्बती समुदाय के कैंप भी देखने लायक हैं। सात अलग-अलग तिब्बती कैंपों में शांति के झंडे हवा में लहराते हैं, जिससे एक अनोखी शांति का एहसास होता है। बौद्ध मठ और मंदिर भी हमेशा आने वालों के लिए खुले रहते हैं। रोमांचित कर रहे पैराग्लाइडिंग और पैरासेलिंग मैनपाट में हर सीजन में सैलानी पहुंचते हैं, लेकिन सर्दियों का सीजन सबसे ज्यादा सुहाना होता है। मैनपाट छत्तीसगढ़ का सबसे सर्द पाट क्षेत्र है, जहां रात का न्यूनतम तापमान 2 डिग्री तक गिर जाता है। ठंड का मौसम मैनपाट में सैलानियों को रोमांचित करता है। मैनपाट के सुरम्य वादियों में पहुंचने वाले सैलानियों के लिए मैनपाट के कुदारीडीह में पैरासेलिंग (पैरा-मोटर) और केसरा में पेरासेलिंग शुरू की गई है। यह सैलानियों को रोमांचित कर रहा है। समुद्र तल से 1085 मीटर की उंचाई पर बसे मैनपाट में सर्द हवाओं के बीच आसमान में गोते लगाने का आनंद सैलानी उठा रहे हैं। नाइट कैंपिंग का ट्रेंड, सैलानियों के लिए पहाड़ वाला घर मैनपाट में नाइट कैंपिंग ट्रेंड पर है। खुले आसमान के नीचे टेंट में रात गुजारना चाहते हैं तो इसके लिए मैनपाट में करीब 600 टेंट लगाए जा चुके हैं। इनमें मेहता प्वाइंट व्यू सहित कार्निवाल स्थल, कुनिया रोड में बड़ी संख्या में टेंट लगाए गए हैं। टेंट लगाने के साथ ही परिसरों को आकर्षक तरीके से सजाया गया है। नाइट कैंपिंग के साथ सैलानी देर रात तक अलाव का आनंद लेते हुए संगीत सुन सकते हैं। इन टेंट में रात गुजारने का शुल्क 500 से लेकर 1000 तक है। 1000 रुपए में कैंपिंग के साथ भोजन की व्यवस्था भी मिलती है। इसके साथ ही मैनपाट में होम स्टे भी शुरू किया गया है। बाहर से आने वाले सैलानी पहाड़ वाले घरों में रुक सकते हैं, जहां एक कमरे का शुल्क 1000 से 1500 रुपए तक है। मैनपाट के ये स्थल करते हैं रोमांचित मैनपाट पहुंचने के बाद 22 से 25 किलोमीटर की दूरी पर कई पर्यटन स्थलों तक पहुंचा जा सकता है। सभी स्थलों तक पहुंचने के लिए पक्की सड़कें हैं। यहां के टाइगर प्वाइंट, फिश प्वाइंट, दलदली, उल्टा पानी, परपटिया सनसेट व्यू, तिब्बती मठ मंदिर, तिब्बती कैंप, मेहता प्वाइंट, टांगीनाथ का मंदिर प्रमुख पर्यटन केंद्र हैं। मैनपाट में रुकने के लिए मोटल और निजी कई होटल मैनपाट में रुकने के लिए शासकीय मोटल और निजी कई होटल हैं। शासकीय मोटल के साथ ही शैला रिसॉर्ट में बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए रुकने की व्यवस्था है। इनकी ऑनलाइन बुकिंग होती है। करमा एथनिक रिसॉर्ट में सैलानियों के लिए प्रतिदिन छत्तीसगढ़ी नृत्य का भी आयोजन छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल कर रहा है। फिलहाल मोटल के सभी कमरे 2 जनवरी तक बुक हैं। यहां सेंटर प्वाइंट, अनमोल, होटल पितांबरा, देव हेरिटेज, अराइज स्काई गार्डेन, हर्ष मेहुल गेस्ट हाउस, कर्मा रिसॉर्ट, यादव रिसोर्ट सहित अन्य होटल शामिल हैं। होटलों में सर्दियों में 3 हजार रुपए से 5 हजार रुपए तक में कमरे मिल सकते हैं। नववर्ष के स्वागत के लिए अधिकांश होटलों के कमरे बुक हैं। इनमें रेट दोगुने से भी ज्यादा बढ़े हुए हैं। उल्टा पानी जहां विज्ञान का चमत्कार मैनपाट में उल्टा पानी ऐसा स्थल है, जहां विज्ञान का चमत्कार भी दिखाता है। यहां नीचे से पहाड़ की ऊपरी दिशा की ओर पानी बहता है। देखने में यह गुरुत्वाकर्षण के विपरीत नजर आता है। उल्टा पानी से लगी सड़क पर चुंबकीय प्रभाव के कारण न्यूट्रल चार पहिया वाहन ढाल में लुढ़कने के बजाय ऊपर की ओर चलने लगती है। दलदली, जहां हिलती है धरती मैनपाट का दलदली जहां पहुंचकर रोमांच का अद्भुत अनुभव होता है। यहां छोटे बच्चों से लेकर हर वर्ग के लोग उछल-कूद करते हैं। यहां की धरती डोलती है। झूले की तरह धरती हिलने लगती है। साल के घने जंगलों के बीच यह दलदली मैनपाट के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। मैनपाट कैसे पहुंचे

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