पश्चिमी सिंहभूम के सोनुआ स्थित गजपुर गांव में बुधवार को आदिवासी कुड़मी समाज का मकर मिलन समारोह और टुसू प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के पुरुलिया से पधारे नरहरि महतो ने कुड़मी समाज की समृद्ध भाषा, संस्कृति और परंपराओं के साथ टुसू की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने पारंपरिक गीतों की प्रस्तुति से समारोह में चार चांद लगा दिए। कार्यक्रम में विभिन्न गांवों से आए समाज के लोगों ने टुसू प्रतिमा और टुसू चौड़ल का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में हाड़ीमारा गांव ने प्रथम स्थान हासिल किया। जबकि सरासपोस और निश्चिंतपुर गांव को क्रमशः द्वितीय और तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। महिलाओं ने टुसू प्रतिमा और टुसू चौड़ल के साथ पारंपरिक गीतों पर मनमोहक सामूहिक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का दिल जीत लिया। समारोह को समाज के जिलाध्यक्ष डॉक्टर महतो और सचिव महेंद्र महतो ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में शंभू चरण महतो, संजीव महतो, कुलदीप महतो, अंबिका चरण महतो, घनश्याम महतो सहित समाज के अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति ने समारोह की शोभा बढ़ाई। यह आयोजन कुड़मी समाज की सांस्कृतिक विरासत को संजोने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का एक सार्थक प्रयास साबित हुआ।


