पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ‘ताई’ के बेटे मिलिंद महाजन के शोरूम पर तोड़फोड़ करने, उनके पोते सिद्धार्थ से मारपीट करने के आरोपियों को जमानत मिल गई। दर्जा प्राप्त कैबिनेट मंत्री प्रताप करोसिया के भतीजे समेत 5 आरोपियों को 10 हजार के मुचलके पर बेल मिली। आरोपियों के वकील आमिर खोकर ने बताया कि शनिवार को सभी रेगुलर कोर्ट में पेश हुए। यहीं से बेल मिली। वकील के मुताबिक- जमानत का आधार गिरफ्तारी के बाद बढ़ाई गई धाराएं बनी हैं। हमने कोर्ट को बताया कि एफआईआर के बाद राजनीतिक प्रभाव के बाद धाराएं बढ़ाई गई हैं। इस मामले को लेकर सुमित्रा महाजन के समर्थकों ने पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा था। कुछ समर्थक सीएम से भी मुलाकात करने वाले थे। सूत्रों की मानें, तो सीएम की ओर से अभी उन्हें समय नहीं मिल पाया है। यह था मामला नेमावर रोड पर पूर्व लोकसभा स्पीकर के बेटे मिलिंद महाजन का मिड्रवेस ऑटोमोबाइल शोरूम है। यहां पर सर्विस सेंटर भी है। बीजेपी नेता प्रताप करोसिया के भतीजे सौरभ करोसिया ने अपनी गाड़ी सर्विस के लिए दी थी। शुक्रवार, 6 दिसंबर की शाम को इसे लेने के लिए आया। मैनेजर भूषण दीक्षित से बिना राशि दिए ही गाड़ी ले जाने की जिद करने लगा। मैनेजर ने रोका तो गालियां दी और कहा कि किसके बाप में हिम्मत है, जो रोक ले। सौरभ के साथ सात-आठ अन्य लोग भी थे। मैनेजर भूषण के मना करने पर उसे जमकर पीटा और पत्थर उठाकर शोरूम में बने चैंबर पर दे मारे, कुर्सियां फेंक दी। सुमित्रा महाजन के पोते सिदार्थ महाजन के साथ भी हाथापाई की गई। इसके बाद सभी गाड़ी लेकर निकलने लगे। गार्ड गणेश दुबे ने रोकने की कोशिश की, तो उस पर गाड़ी चढ़ाने लगे। आरोप लगाया गया कि मैनेजर एफआईआर के लिए पहुंचे, तो टीआई नीरज मेढा ने टालमटोल की। बात उच्च स्तर पर पहुंची तब जाकर सौरभ पर केस दर्ज किया गया। यहां क्लिक कर पढ़िए पूरा घटनाक्रम


