भास्कर न्यूज | राजनांदगांव छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के बैनर तले न्यूनतम वेतन सहित अन्य मांगों पर जारी सुविधि इस्पात प्राइवेट लिमिटेड रसमड़ा कंपनी के श्रमिकों का 2 दिवसीय धरना प्रदर्शन खत्म हो गया। प्रबंधन और यूनियन के बीच समझौता बैठक हुई। मांगों पर बनी सहमति के बाद मजदूर काम पर लौट गए। यूनियन ने सभी मांगो पर क्रियान्वयन की मांग की है। इस्पात के 300 मजदूर न्यूनतम वेतन, राष्ट्रीय और त्योहारी अवकाश, ईएलसीएल बोनस, सुरक्षा के उपकरण दिए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। संघर्ष कर रहे इंजीनियरिंग श्रमिक संघ छमुमो के महासचिव भीमराव बागड़े के नेतृत्व में कलेक्टर दुर्ग सहित सहायक श्रमायुक्त, उप संचालक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग दुर्ग कार्यालय को 30 नवंबर को मांग पत्र दिया था। कार्रवाई किए बिना 16 दिसंबर को श्रमिकों को काम से वापस भेजा जा रहा था। यूनियन के महासचिव बागड़े ने बताया कि फैक्ट्री से लोकल मजदूरों को लौटाया गया साथ ही पश्चिम बंगाल और ओडिशा से नए मजदूरों को काम पर लाया गया, मजदूरो ने धरना जारी रखा। उद्योग प्रबंधन और मजदूरो के बीच समझौता बैठक में मांगों पर सहमति बनी। मजदूरों को वापस काम में रखने, वेतन देने, 8 घंटे काम लेने लिखित समझौता हुआ। उपाध्यक्ष एजी कुरैशी, एक्टू के राष्ट्रीय सचिव बृजेन्द्र तिवारी, भुवन साहू, जीवन साहू, संजय साहू, तुलसी देवदास, पुनाराम साहू मौजूद रहे।


