प्रदर्शनकारी हिरासत में:ट्रेलर से बुजुर्ग के जख्मी होने के बाद भड़की हिंसा

रायगढ़ जिले के तमनार के लिबरा में शनिवार दोपहर धरने पर बैठे ग्रामीण और पुलिस के बीच झड़प हुई। हल्के बल प्रयोग के बाद धरनास्थल से कुछ लोगों ने पत्थर फेंके। भीड़ में कुछ महिलाओं ने टीआई अनिता पुशाम को पीटा। 11 दिसंबर से सीएचपी चौक पर धरना दे रहे ग्रामीणों के साथ ही आसपास के 30 से अधिक गांव के लोग तब उग्र हुए जब यह खबर फैली की आर्थिक नाकेबंदी में फंसे वाहन के हटाने के दौरान एक बुजुर्ग की ट्रेलर की चपेट में आकर मौत हो गई जबकि बुजुर्ग की मौत नहीं हुई, वो गंभीर रूप से घायल थे। बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्‌ठा हुए और स्थिति बेकाबू हो गई। ग्रामीणों ने तीन वाहन फूंक दिए। पुलिस अफसर, कर्मचारियों के साथ कुछ ग्रामीण भी घायल हुए हैं। रेंज के दूसरे जिलों से भी पुलिस बल बुलाया गया है। दरअसल 4 से 8 दिसंबर तक तमनार के ग्रामीण धौराभांठा हाईस्कूल के परिसर में धरने पर बैठे थे। ये लोग जिंदल कम्पनी की कोयला खदान के लिए 8 दिसंबर को यहां तय जनसुनवाई का विरोध कर रहे थे। 8 को जनसुनवाई कहीं और करा दी गई। शेष|पेज 15 11 दिसंबर से ग्रामीणों ने सीएचपी चौक लिबरा में धरना शुरू किया। इसमें 30 से अधिक गांव के लोग शामिल हैं। इधर आर्थिक नाकेबंदी भी की गई थी। जिसमें ओडिशा से तमनार बॉर्डर से जेपीएल तक कोयला लाने वाले वाहन 15 दिनों से अधिक वक्त से खड़े थे। पुलिस ने शनिवार सुबह 10.30 बजे के करीब धरना स्थल से 60 के करीब लोगों को उठाया और तमनार थाने ले गई। चर्चा होने लगी कि आंदोलनकारी गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस अब धरने वाला टेंट भी उखाड़ेगी। इससे भीड़ बढ़ने लगी। दूसरी तरफ हमीरपुर ओडिशा बॉर्डर पर नाकेबंदी में फंसे वाहन रवाना कराए जाने लगे। इसी दौरान एक बुजुर्ग ट्रेलर की चपेट में आए। उनके दोनों पैर कुचले गए। अफवाह फैली की बुजुर्ग की मौत हो गई। धरनार्थियों में कुछ लोग यहां पहुंचे, विवाद हुआ। फिर पुलिस ने कथित रूप से लाठीचार्ज किया। भीड़ ने पत्थर फेंके। इसमें एसडीओपी, टीआई सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। लाठीचार्ज के बाद पथराव, टीआई को महिलाओं ने पीटा टीआई ने हाथ जोड़े, महिलाएं बरसाती रहीं डंडे: हादसे के बाद धरना स्थल पर महिलाएं धरने पर बैठ गईं। तमनार टीआई कमला पुसाम मौके पर पहुंची। महिलाओं ने उन पर भी पैसा लेने का आरोप लगाया और मारपीट शुरू कर दी। टीआई पुसाम महिलाओं के हाथ जोड़ती रही, लेकिन गुस्साईं महिलाओं ने उन पर हाथ-पैर और डंडे बरसाए। मारपीट से टीआई बेहोश हो गई। इस बीच विधायक विद्यावती सिदार मौके पर पहुंची और घायल टीआई अस्पताल लेकर गईं। लोगों को समझाकर टेंट भेजा था: पुलिस
पुलिस ने बताया कि शनिवार सुबह 10 बजे अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, एडिशनल एसपी द्वारा लोगों को समझाइश देकर वापस उन्हें धरना के लिए लगाए गए टेंट पर वापस करा दिया गया। बाद में भीड़ उग्र होती रही। हिरासत में 80 से अधिक प्रदर्शनकारी
सीएचपी लिबरा, धौंराभाठा सहित प्रभावित 14 गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीण हाथ में डंडा और महिलाएं पत्थर लेकर घूम रहे हैं। पुलिस ने 80 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *