बलौदाबाजार जिले के महानदी स्थित चिखली रेत घाट पर अवैध रेत खनन का कारोबार दिन-रात जारी है। नियमों का उल्लंघन करते हुए रेत माफिया द्वारा चेन माउंटेन मशीनों का उपयोग कर 10 फीट गहरे पानी से रेत निकाली जा रही है, जिससे लाखों रुपये के राजस्व की चोरी हो रही है। नियमानुसार रेत का उत्खनन सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक ही किया जाना चाहिए, और वह भी मजदूरों द्वारा। हालांकि, चिखली घाट पर रात के अंधेरे में भी चेन माउंटेन मशीनों से रेत निकाली जा रही है। एक मशीन 10 फीट गहरे पानी से रेत निकालकर नदी में ही डंप कर रही है, जबकि दूसरी सीधे हाईवा में रेत लोड कर रही है। घाट से रेत परिवहन में भारी राजस्व चोरी स्थानीय लोगों के अनुसार, इस घाट से प्रतिदिन 300 से अधिक हाईवा रेत लोड कर आसपास के जिलों में भेजी जा रही है। इनमें से 50 गाड़ियों में भी रॉयल्टी पर्ची नहीं काटी जाती। एक हाईवा की रॉयल्टी 2500 रुपये है, लेकिन माफिया गठजोड़ बिना पर्ची के मशीन लोडिंग के लिए 7,500 रुपये वसूल रहा है, जिससे प्रति ट्रिप लगभग 2500 रुपये की सीधी राजस्व चोरी हो रही है। सैकड़ों ट्रैक्टर भी बिना किसी रॉयल्टी पर्ची के रेत का परिवहन कर रहे हैं। इस अवैध खनन से नदी का प्राकृतिक प्रवाह और धारा पथ बदल रहा है, जो पर्यावरण के लिए गंभीर संकट पैदा कर सकता है। यह रेत बलौदा बाजार, महासमुंद, रायपुर, बेमेतरा, मुंगेली और बिलासपुर जैसे जिलों में भेजी जा रही है। गीली रेत के परिवहन से सड़कें हो रहीं खराब नियम विरुद्ध नदी से सीधे निकाली गई गीली रेत हाईवा में लादी जा रही है, जिससे सड़कों पर पानी ही पानी बहता दिखता है। इससे न केवल सड़कें खराब हो रही हैं, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा है। इस संबध में कसडोल विधायक संदीप साहू ने तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण लगातार शिकायत कर रहे हैं कि ओवरलोड रेत के वाहनों ने गिधपुरी, पलारी, लवन, खरतोरा और कसडोल की सड़कों की बदहाल कर दिया है। विधायक ने की रायल्टी पर्ची जांच करने की मांग उन्होंने जुनवानी में एक स्थायी खनिज जांच चौकी स्थापित करने, प्रत्येक वाहन की रॉयल्टी पर्ची की जांच करने और नाका के साथ घाट पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे चक्काजाम करने को मजबूर होंगे। ऐसी शिकायतों की जानकारी नहीं, दिखवाते हैं: उप संचालक इस संबध में उपसंचालक खनिज राजेश मालवे ने कहा- हमें ऐसी शिकायतों की जानकारी नहीं है। इस बारे में पता कराते हैं।


