क्रिटिकल केयर अस्पताल का काम पिछड़ा, ट्रॉमा सेंटर फाइल में ही कैद

भास्कर न्यूज | राजनांदगांव साल 2025 बीतने को है, लेकिन शहर के कई बड़े प्रोजेक्ट पर काम पूरा नहीं हो सका। मेडिकल कॉलेज के सामने क्रिटिकल केयर अस्पताल का काम करीब 6 माह पिछड़ गया है। यहां बनने वाला ट्रामा सेंटर की घोषणा के बाद केवल भूमिपूजन किया गया। जिला अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर की उंचाई बढ़ाने का काम हुआ लेकिन पेइंग वार्ड और फिनिशिंग का 10 फीसदी काम शेष है। स्टेशन पारा और गौरी नगर के अंडरब्रिज का काम सालभर पिछड़ गया। रेलवे स्टेशन के रिनोवेशन का काम 20 प्रतिशत शेष है। शहर के इन सभी बड़े प्रोजेक्ट में से कुछ का काम दिसंबर 2025 तक पूरा हो जाना था। लेकिन अंडरब्रिज का काम लंबे समय से अटका हुआ है। चौथे प्लेटफार्म में चबूतरा, टीन शेड, एस्कलेटर, सी​िढ़यां, पार्किंग का काम हुआ। रोड और नाली का निर्माण कार्य एवं फिनिशिंग और सौंदर्यीकरण का काम बाकी है। चौथी लाइन का निर्माण काम शुरू नहीं किया गया। क्रिटिकल केयर अस्पताल नहीं बन पाया है। टेंडर प्रक्रिया में विलंब, मशीनरी और मटेरियल का संकट, फंड की कमी, तकनीकी दिक्कतों के कारण काम पूरा नहीं हो सका। जिला अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर की उंचाई बढ़ी, नया एस्ट्रोटर्फ लगाने 6 करोड़ की घोषणा की फरवरी में काम शुरू होगा। रेलवे स्टेशन के रिनोवेशन में 20 फीसदी काम बाकी है। काम पूरा होने पर स्टेशन सुंदर और आकर्षक दिखेगा, यात्री सुविधा बढ़ेगी वेटिंग हॉल, कैंटीन, मनोरंजन की सुविधा मिलेगी। विशाल पार्किंग वाहन सुरक्षित रहेंगे। चौड़ी सड़कें बनने से ट्रैफिक जाम नहीं होगा। नालियां बनने से पानी निकासी होगी। इसे दिसंबर 2024 तक पूरा होना था। 80 फीसदी काम हुआ लेकिन अंतिम फिनिशिंग बाकी है। मशीनरी, मटेरियरल, लेबर संकट के कारण काम पिछड़ा। अब भी मार्च 2026 तक रिनोवेशन का काम पूरा होने की संभावना है। क्रिटिकल केयर अस्पताल में हादसों में घायलों, इमरजेंसी केस के मरीजों का इलाज किया जाएगा। गर्भवती महिलाओं का प्रसव होगा। कैजुअल्टी, माइनर ओटी की सुविधा मिलगी। इसे सीजीएमएसी बना रहा है। इसका निर्माण दिसंबर 2025 तक पूरा होना था। अभी 70 फीसदी काम हुआ, फ्लोरिंग, प्लास्टर, फिनिशिंग बाकी है। बारिश में जल जमाव, मशीनारी, मटेरियल संकट की समस्या रही। जून 2026 तक निर्माण पूरा होगा। राज्य स्तर के अफसरों ने हालही में यहां का निरीक्षण कर काम में तेजी लाने निर्देश दिए है। स्टेशन पारा और गौरी नगर में अंडरब्रिज का निर्माण अटका पड़ा है। ट्रेनों की आवाजाही के दौरान वाहन चालकों को रेलवे क्रॉसिंग में नहीं रुकना पड़ेगा। पटरी पार की करीब 50 हजार आबादी को आवाजाही में आसानी होगी। ओवरब्रिज पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। रेलवे की गति शक्ति इसका निर्माण कर रही जो दिसंबर 2024 तक पूरा होना था। 60 फीसदी काम हुआ, ट्रैक के नीचे सुरंग डालना बाकी है। बिजली, इंटरनेट, सिग्नल पाइप की शिफ्टिंग, बारिश में जल जमाव के कारण काम पिछड़ा। 2026 जून में दोनों अंडरब्रिज बनेंगे।

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