राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के महिला तहसीलदार को जिले से भगा देने के बयान के बाद से प्रदेशभर में राजस्व अधिकारी नाराज हैं। तहसीलदार तीन दिन के सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं। आज उनके काम बंद का तीसरा दिन था। बीते गुरुवार को इछावर में महोडिया गांव में मंत्री करण सिंह वर्मा ने रिश्वतखोरी की शिकायत पर तहसीलदार चंचल जैन को लेकर कहा था कि अब तहसीलदार को जिले से ही भगा देंगे। राजस्व अधिकारियों की हड़ताल के बीच मंत्री करण सिंह वर्मा से दैनिक भास्कर ने बात की। उन्होंने कहा कि किसान अगर कहेंगे कि तहसीलदार काम नहीं करता तो उन्हें हटा देंगे। महिला तहसीलदार को बेटा कहा, इसमें कैसा अपमान? जो काम नहीं करेगा उन्हें हटा देंगे। राजस्व मंत्री ने कहा- ये तो छुटभैया नेतागिरी करते हैं। कांग्रेस के तमाम लीडर हैं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी वे भी प्रशंसा करेंगे कि यह तो अच्छा है। दिग्विजय सिंह हों या राहुल भैया जितने भी नेता हैं उनसे पूछो कि क्या करण सिंह वर्मा ने गलत कार्रवाई की? गलत शब्द बोले हैं क्या? राजनीति में हम लोग सब मिलकर काम करते हैं विधानसभा में मिलकर बैठते हैं और मध्य प्रदेश के विकास की नीति बनाते हैं। हमारी कभी किसी का अपमान करने की मंशा नहीं रही। सभी का हम सम्मान ही करते हैं। इस विवाद को लेकर दैनिक भास्कर ने राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा से बातचीत की सवाल- आपके बयान से तहसीलदार नाराज हैं?
राजस्व मंत्री- सब तहसीलदार नाराज नहीं हो रहे हैं। जो नियम कानून का अपमान करता है वही नाराज होता है। मामला आष्टा का है। वहां का एक किसान अपना बंटाकन चाह रहा था। चूंकि मैं तो यहां (भोपाल आवास पर) रोज दो-तीन घंटा बैठता हूं। तो कोई भी यहां समस्या लेकर आता है। उसने कहा मुझसे ₹50000 की मांग की जा रही है। मैंने पूछा कितने पैसे दे दिए? तो उसने कहा ₹10000 में दे चुका हूं। मैंने उनसे (तहसीलदार) कहा, बेटा मैं राजस्व मंत्री बोल रहा हूं। उनका बटांकन कर दीजिए। आपकी समय अवधि 45 दिन है। चार महीने से ज्यादा हो गए। मैं इनको भेज रहा हूं। तो वो उस किसान से कहती हैं कि क्या बटांकन मंत्री जी करेंगे? अभी तो किसान का इंटरव्यू आएगा। मैंने तो अभी छोड़ दिया था। लेकिन, किसान बोलेगा तो पूरा हिंदुस्तान सुनेगा। इसमें महिला का कौन सा अपमान हो गया? सवाल- बात-बात में हड़ताल शुरू हो जाती है इसे आप कहां तक ठीक मानते हैं?
राजस्व मंत्री- जो लोग ऐसा करते हैं यह गलत तरीका है। अगर राजस्व मंत्री किसी का अपमान करें या अपशब्दों का प्रयोग करें। या कानून के विपरीत काम करें तो करना चाहिए। उसमें कोई गलत नहीं। अब मैं तहसीलदार को अपना परिवार बोलता हूं। मैं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में परिवार बोला। किसी का एक गिलास पानी भी नहीं पिएंगे और मैं सारे तहसीलदारों को बोलता हूं कि करण सिंह वर्मा कहे तो भी गलत काम मत करना। कानून और संविधान के हिसाब से काम करो। मध्य प्रदेश में हमारे बहुत ही अच्छे तहसीलदार हैं। भोपाल, सीहोर, सिवनी सहित बहुत सारे कलेक्टर बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। सवाल- आपको लगता है कि हड़ताल खत्म हो जाएगी?
राजस्व मंत्री- तहसीलदार अवकाश पर गए हैं। थोड़े संक्रांति के अवकाश पर गए हैं। राजनीति करना चाहिए। हम हों या तहसीलदार हो या कोई और हो। हिंदुस्तान में राजनीति गांधी जी ने की थी। फालतू की नेतागिरी नहीं करना चाहिए, काम करो। अपनी ऐसी पहचान बनाओ कि लोग कहें कि कोई तहसीलदार आया था। सवाल- आपने कहा-भगा देंगे। वे आपके इस शब्द से नाराज हैं? राजस्व मंत्री- यह भगा देंगे क्या है, मान लीजिए अगर कोई किसान कहेगा कि यह तहसीलदार मेरा काम नहीं करते। तो हम कहेंगे भगा देंगे। इसका मतलब यह है कि यहां से हटा देंगे। यह अधिकार हमारा। अगर काम नहीं करेंगे, अतिक्रमण नहीं हटाएंगे, सीमांकन, बंटवारा नहीं करेंगे, तो हटा देंगे। हमारे सीहोर के कलेक्टर बेचारे दिन-रात काम करते हैं। हर आठवें दिन मीटिंग करते हैं। अगर कोई तहसीलदार काम नहीं करेगा तो हटाएंगे। हमने और भी हटाए हैं। सवाल- आपको लगता है कुछ लोग बेवजह राजनीति कर रहे हैंं?
राजस्व मंत्री- राजनीति नहीं, नेतागिरी कर रहे हैं। नेतागिरी शब्द अलग है। राजनीति की तो हमने हिन्दू मान्यता के हिसाब से शास्त्रों में संज्ञा दी है। राजनीति तो पतिव्रता स्त्री के समान है। राजनीति तो भगवान कृष्ण ने की थी। राजनीति में राज्य की नीति बनाएं, अच्छे नियम कानून बनाएं। कानून महिला और पुरुष के लिए एक है। सवाल- आपको लगता है कि यह सब काम पर लौट आएंगे?
राजस्व मंत्री- क्यों नहीं लौटेंगे? वे तो अवकाश पर गए हैं। एक-दो दिन के लिए जाते रहते हैं। फिर उनका काम कैसे चलेगा। वे तो आ जाएंगे समझदार पढ़े-लिखे लोग हैं। गंवार तो हैं नहीं कोई। सवाल- आपकी किसी से बातचीत हुई है अभी?
राजस्व मंत्री- नहीं मैं किसी से बातचीत नहीं करता हूं। मैं सिर्फ काम करता हूं। मैंने निर्देश दिया है कि किसी का एक गिलास पानी मत पियो, चाय मत पियो। लोगों से बात करिए किसान हमारा भगवान है। मध्यप्रदेश हमारा मंदिर है। हम इसके पुजारी हैं। इंसान जैसा बोलता है वैसा करना चाहिए, वह समाज को दिखना चाहिए। किसी का अपमान करने की हमारी मंशा नहीं रही और फिर बेटा शब्द कौन बोलता है। सवाल- आज कैबिनेट की बैठक में क्या इस विषय पर चर्चा हुई?
राजस्व मंत्री- नहीं, काहे की चर्चा? यह कोई चर्चा का विषय है क्या? लोगों ने कहा गजब है यार किसान का कोई काम ना करें उसे सस्पेंड करें तो ये सम्मान की बात है। यह तो सीख होना चाहिए कि हमारे मंत्री जी ने मुझसे यह कहा। अभी एक बच्चे ने कहा तो मैंने तहसीलदार से कह दिया आप गलत काम गलत बटांकन मत करिए। हर आदमी तहसीलदार नहीं बनता, कलेक्टर, कमिश्नर, पटवारी हर आदमी नहीं बनता है। कुछ लोग हैं जिनके अधीन हमारी राजस्व विभाग की व्यवस्था है। हिंदुस्तान में प्रधानमंत्री सम्मान कर रहे हैं। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राजस्व विभाग में बहुत अच्छा काम हुआ है। कौन मंत्री जाएगा जिले-जिले में काम की समीक्षा करने। मैं 3 घंटे रोज बैठता हूं लोगों की समस्या सुनता हूं। किसानों के लिए पटवारी का काम हो तो, पटवारी से भी बोल देता हूं बड़े प्यार से।


