अमृतसर में कूड़ा उठाने को लेकर सियासी विवाद:कांग्रेस के वार्ड इंचार्ज बोले- नगर निगम के बाहर लगाएंगे धरना, विधायक की ऑडियो वायरल

अमृतसर शहर के वार्ड नंबर 36 में कूड़ा उठाने को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। आम आदमी पार्टी के विधायक से जुड़े कथित फोन कॉल और वायरल ऑडियो के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस पूरे प्रकरण को लेकर कांग्रेस पार्टी ने नगर निगम और सत्ताधारी दल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस के वार्ड इंचार्ज बलबीर सिंह बावा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि यह कोई व्यक्तिगत या राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि वार्ड के लोगों की रोजमर्रा की परेशानी से जुड़ा सवाल है। उन्होंने बताया कि हाल ही में जनता कॉलोनी में हुई एक बैठक के दौरान लोगों ने कूड़ा उठाने, राशन कार्ड, पानी की सप्लाई और बिजली से जुड़ी समस्याएं सामने रखीं। सुपरवाइजर ने पूछी राजनीतिक पहचान : बावा कूड़े की गंभीर स्थिति को देखते हुए मौके पर ही संबंधित सुपरवाइजर से संपर्क किया गया, जिसने कूड़ा गाड़ी भेजने का भरोसा दिया। अगले दिन गाड़ी पहुंची और कूड़ा उठाया गया, जिससे इलाके के लोगों को राहत मिली। बावा का आरोप है कि जब हरगोबिंद कॉलोनी में कूड़ा नहीं उठाया गया और उन्होंने दोबारा सुपरवाइजर को फोन किया, तो उनसे पहले उनकी राजनीतिक पहचान पूछी गई। कांग्रेस से जुड़े होने की जानकारी देने के बाद कथित तौर पर कॉल काट दी गई। समाधान न होने पर दिया जाएगा धरना बावा ने दावा किया कि बाद में सुपरवाइजर ने साफ कहा कि उस पर विधायक कार्यालय की ओर से राजनीतिक दबाव है, जिस कारण कूड़ा गाड़ी नहीं भेजी जा रही। इस बातचीत की फोन रिकॉर्डिंग भी सामने आई है, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। कांग्रेस नेता ने चेतावनी दी कि यदि वार्ड नंबर 36 की समस्याओं का तुरंत समाधान नहीं किया गया, तो यह आंदोलन सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नगर निगम कार्यालय के सामने धरना दिया जाएगा और सड़कों पर उतरकर संघर्ष किया जाएगा। विधायक इंदरबीर ने खारिज किए आरोप वहीं, दूसरी ओर अमृतसर दक्षिणी हलके के विधायक इंदरबीर सिंह निज्जर ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि कभी-कभी गाड़ियों की कमी के कारण देरी जरूर हो जाती है, लेकिन शहर में कूड़ा उठाने का काम लगातार जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी तरह का राजनीतिक दबाव नहीं बनाया गया है। अब यह देखना होगा कि वायरल ऑडियो और आरोप-प्रत्यारोप के बीच प्रशासन इस विवाद को कैसे सुलझाता है और वार्ड के लोगों को कब स्थायी राहत मिलती है।

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