बाड़मेर जिले के सेड़वा इलाके में पानी की चोरी की शिकायतों के बाद एसडीएम ने रविवार को पनोरिया, बाखासर इलाकों का निरीक्षण किया। इस दौरान अवैध पाइप लगाकर चोरी करते हुए भी पकड़ा। एसडीएम ने वहां के लोगों को समझाइश की। कहा बीच में पानी चोरी करोगे तो अंतिम छोर तक बैठे व्यक्ति को पानी कैसे मिलेगा। तुंरत हटाने का निर्देश दिए है। अन्यथा मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा। आपको पता दे कि पनोरिया पंपिंग हेड से 65 किलोमीटर दूर इंडो-पाक बॉर्डर से सटे गांव बाखासर माइनर और बावरवाला पनोरिया टेल तक किसानों को रबी सीजन की फसलों को सिंचाई के लिए पानी सप्लाई की जाती है। पानी की चोरी होने से टेल पर बैठे किसान को सिंचाई के लिए नहीं मिलता है पानी निरीक्षण के दौरान एसडीएम विश्नोई ने पनोरिया गांव में मुख्य वितरिका में से पाइप डालकर अवैध रूप से सिंचाई का पानी चोरी करते तीन अलग-अलग जगह पर लोगों को पकड़ा । एसडीएम ने किसान को समझाइश करते हुए कहा- ‘पानी की चोरी करने से सरकार को नुकसान होता है। आप पानी चोरी करोगे, तो अंतिम छोर पर बैठे किसान तक पानी कैसे पहुंचेगा ? वो भी तो किसान है। पानी की चोरी करना क़ानूनन जुर्म है । आपने नर्मदा नहर में जो पाइप लगाए है, उसे तुरंत हटा दो, पानी चोरी बंद कर दो, नहीं तो मैं नर्मदा नहर के अधिकारियों से कहकर आपके खिलाफ मुक़दमा होगा ।’ 3 माह से टेल के किसानों को मिल रहा है पानी अंतिम छोर के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करवाने के लिए एसडीएम विश्नोई ने 13 अक्टूबर को नर्मदा नहर परियोजना के अधीक्षण अभियंता को पत्र लिखकर किसानों की समस्याओं और चिंता से अवगत करवाया। उन्होंने 10 दिसंबर को पनोरिया पंपिंग हेड का निरीक्षण कर, सिंचाई के लिए पानी की आपूर्ति का जायजा लिया और नर्मदा नहर परियोजना के अधिकारियों के साथ मीटिंग की। मीटिंग में एसडीएम ने पानी चोरी रोकने के लिए नर्मदा नहर की पनोरिया वितरिका की लगातार पेट्रोलिंग करने,चौकसी बढ़ाने और डिग्गी अध्यक्षों का सहयोग लेने के निर्देश दिए।


