शिशुओं के विकास के लिए विद्या भारती कर रहा प्रयोग : नीरज लाल

भास्कर न्यूज | मेदिनीनगर भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईए मडी) की राष्ट्र सेवा सफलता के 150 वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में भारत के सभी मौसम कार्यालय में समारोह का आयोजन किया गया। इसी क्रम में मौसम विज्ञान विभाग मेदिनीनगर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न स्कूल कॉलेज के बच्चों के बीच प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मेदिनीनगर डाकघर के हेड पोस्ट ास्टर रूपेश कुमार वर्मा ने भाग लिया। कार्यक्रम में मौसम विभाग मेदिनीनगर के द्वारा स्केचिंग और पेंटिंग, आईएमडी लोगो, क्विज तथा खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें बनी पेंटिंग को प्रदर्शित भी किया गया। इसमें स्केचिंग पेंटिंग में प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान पाने वाले सुकृति पंडित, सचिन सिंह, शांभवी स्वरा ,लोगो प्रतियोगिता में प्रथम द्वितीया, तृतीय क्रमश आदर्श कुमार, पीयूष गुप्ता और अभय कुमार रहे क्विज में लव पासवान, आदर्श कुमार और सुकृति पंडित जबकि गेम में अयान सैय्यद, अवनी कुमारी तथा मनिका कुमारी को पुरस्कृत किया गया। भास्कर न्यूज | लातेहार शहर के धर्मपुर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में छोटे भैया-बहनों को सुवर्णप्राशन की पहली खुराक पिलाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत पलामू विभाग निरीक्षक नीरज कुमार लाल, प्रधानाचार्य अरुण कुमार चौधरी, सह प्रांत शिशु वाटिका प्रमुख गीता कुमारी ने दीप प्रज्वलित व सरस्वती माता के चित्र पर पुष्पार्चन कर की। विभाग निरीक्षक नीरज लाल ने कहा कि यह संस्कार सनातन धर्म में वर्णित 16 संस्कारों में से एक है। जिसे हमारे पूर्वजों ने जातकर्म संस्कार का नाम दिया है। उन्होंने कहा कि शिशुओं के विकास के लिए विद्या भारती नए-नए प्रयोग और उपाय करते रहती है। प्रधानाचार्य अरुण कुमार चौधरी ने बताया कि सुवर्णप्राशन में पंचगव्य घृत, मधु, सुवर्ण, भस्म होते हैं। सह प्रांत शिशु वाटिका प्रमुख गीता कुमारी ने बताया कि विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा संचालित शिशु वाटिका का एकमात्र उद्देश्य शिशुओं का सर्वांगीण विकास करना है।

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