विदिशा में सर्दी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है और इस बार ठंड ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 27 दिसंबर को जिले में न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले पांच वर्षों में इस तारीख का सबसे कम तापमान है। इससे पहले दिसंबर में इतना कम तापमान दर्ज नहीं हुआ था। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पूर्व दिशा से लगातार ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिसकी वजह से दिन और रात दोनों के तापमान में गिरावट आई है। बीते कुछ दिनों में दिन का तापमान करीब 4 डिग्री और रात का तापमान लगभग 2.5 डिग्री तक गिर गया है। 7 से 8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं के कारण शीतलहर जैसी स्थिति बनी हुई है। दिन में धूप कमजोर पड़ने से ठंड का असर और ज्यादा महसूस हो रहा है। ठंड से जनजीवन प्रभावित
कड़ाके की ठंड का सीधा असर जनजीवन पर देखा गया। सुबह 8 बजे तक शहर की सड़कें लगभग सुनसान रहीं। केवल मंदिर जाने वाले श्रद्धालु ही बाहर दिखाई दिए, जिनमें छोटे बच्चे भी शामिल थे। मैदानी इलाकों में सुबह घना कोहरा छाया रहा, जो धूप निकलने के बाद कुछ हद तक छंटा, लेकिन ठंड बनी रही। लोग गर्म कपड़ों और अलाव का सहारा लेते नजर आए। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। यदि उत्तर-पूर्वी हवाओं का यही असर बना रहा तो रात के तापमान में और गिरावट हो सकती है। साथ ही सुबह और रात के समय घना कोहरा छाने की भी आशंका जताई गई है। लोगों को ठंड से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।


